Rajya Sabha Row: अमित शाह के बयान पर अड़े खड़गे, रिजिजू का पलटवार—'विपक्ष तय नहीं करेगा कि कौन सा मंत्री सदन में आएगा'
राज्यसभा में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के दावों को खारिज करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि कौन सा मंत्री कब सदन में आएगा, यह तय करना विपक्ष का काम नहीं है.
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को राज्यसभा (Rajya Sabha) में जमकर हंगामा देखने को मिला. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से सदन में वक्तव्य देने की अपनी मांग दोहराई.
विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण उच्च सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. यह भी पढ़ें: Mallikarjun Kharge: मल्लिकार्जुन खड़गे की बढ़ सकती है मुश्किलें, चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप, शिकायत दर्ज
खड़गे का दावा बनाम सरकार का रुख
मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि पीठ (सभापति) ने गृह मंत्री अमित शाह को सदन में उपस्थित होकर बयान देने का निर्देश दिया था, लेकिन सत्ता पक्ष इसका पालन न करके सदन और पीठ का अपमान कर रहा है.
खड़गे के इस दावे का संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ा प्रतिवाद किया. रिजिजू ने स्पष्ट कहा कि पीठ की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था और विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा मंत्री कब सदन में आएगा.
'गृह मंत्री रोज संसद परिसर में मौजूद रहते हैं': किरण रिजिजू
किरण रिजिजू ने सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए ऑन-रिकॉर्ड कहा:
"विपक्ष के नेता सदन को गुमराह कर रहे हैं। सभापति द्वारा गृह मंत्री को आने के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है. मैं यह रिकॉर्ड पर कह रहा हूं कि सुबह संसद शुरू होने से लेकर रात तक गृह मंत्री संसद परिसर में ही मौजूद रहते हैं. जिस विषय की चर्चा होती है, उससे संबंधित मंत्री ही जवाब देता है."
रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी सांसद सुबह 11 बजे के बाद चले जाते हैं, जबकि गृह मंत्री संसद में मौजूद रहते हैं. जब गृह मंत्री या सरकार जवाब देने की स्थिति में होती है, तब विपक्ष सुनने के बजाय केवल व्यवधान पैदा करता है.
संसद परिसर में 'मकर द्वार' पर विपक्ष का प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर स्थित 'मकर द्वार' के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
बारिश के बीच छाते और तख्तियां हाथों में लिए सांसदों ने अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित चोरी तथा छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारे लगाए. सांसदों ने "अमित शाह जवाब दो" के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त किया.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार का दिन दोनों सदनों में गैर-सरकारी विधेयकों (Private Members' Business) के लिए आरक्षित होता है.