Ketan Agarwal Murder Case: शादी टालना चाहती थी सिया गोयल, इसलिए रची कत्ल की साजिश. पुलिस का दावा
जांच के दायरे को बढ़ाते हुए पुलिस ने सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से भी करीब 10 घंटे तक पूछताछ की. अधिकारियों के मुताबिक, उनसे चेतन चौधरी के साथ उनके संबंधों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर सवाल किए गए. पुलिस आने वाले दिनों में सिया के परिवार के अन्य सदस्यों के बयान भी दर्ज कर सकती है.
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने कई नए दावे किए हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी और शादी को कुछ साल तक टालना चाहती थी. पुलिस का दावा है कि इसी वजह से सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची. हालांकि पुलिस के ये सभी दावे जांच का हिस्सा हैं और अदालत में अभी इनकी पुष्टि होना बाकी है.
शादी तीन साल तक टालना चाहती थी सिया, पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर बताया कि वह केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी. जांच अधिकारियों का दावा है कि उसे लगा था कि यदि केतन की मौत हो जाती है तो उसे कम से कम तीन साल तक शादी के बारे में सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वहीं पुलिस का यह भी कहना है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी भी सिया से शादी करने से पहले दो से तीन साल का समय चाहता था.
जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों ने सामाजिक बदनामी के डर से तय शादी तोड़ने के बजाय कथित तौर पर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची.
जनवरी से दोनों के बीच बढ़ी नजदीकियां
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी की जान-पहचान सिया के बड़े भाई साहिल गोयल के जरिए हुई थी. बाद में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं. जांच में सामने आया है कि जनवरी में दोनों अपने दोस्तों के साथ उदयपुर घूमने गए थे, जहां उन्होंने करीब पांच दिन साथ बिताए. इसके कुछ सप्ताह बाद फरवरी में सिया की सगाई केतन अग्रवाल से हुई थी.
2,004 कॉल और 238 घंटे की बातचीत
पुलिस का दावा है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चला है कि जनवरी से दोनों आरोपियों के बीच 2,004 फोन कॉल हुईं और उन्होंने कुल 238 घंटे तक बातचीत की. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह रिकॉर्ड कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है.
हत्या से एक दिन पहले कैफे में हुई थी मुलाकात
जांच के अनुसार, केतन अग्रवाल की मौत से एक दिन पहले यानी 17 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी पुणे के लुल्लानगर स्थित एक कैफे में मिले थे. पुलिस का कहना है कि दोनों की यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इसी मुलाकात में कथित हत्या की साजिश को अंतिम रूप दिया गया था.
डिजिटल सबूत मिटाने की भी कोशिश का आरोप
पुलिस का दावा है कि वारदात से पहले और बाद में दोनों आरोपियों ने व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम मैसेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे. इतना ही नहीं, कथित तौर पर रीसायकल बिन भी खाली कर दिया गया, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें.
फिलहाल फॉरेंसिक विशेषज्ञ डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बातचीत का पूरा क्रम और घटनाक्रम सामने लाया जा सके.
सिया के भाई से भी हुई लंबी पूछताछ
जांच के दायरे को बढ़ाते हुए पुलिस ने सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से भी करीब 10 घंटे तक पूछताछ की. अधिकारियों के मुताबिक, उनसे चेतन चौधरी के साथ उनके संबंधों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर सवाल किए गए. पुलिस आने वाले दिनों में सिया के परिवार के अन्य सदस्यों के बयान भी दर्ज कर सकती है. गौरतलब है कि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस द्वारा लगाए गए सभी आरोप न्यायालय में साबित होने बाकी हैं.