Ketan Agarwal Murder Case: वॉट्सऐप चैट से खुला बड़ा राज, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी एक-दूसरे को कहते थे 'पति-पत्नी'
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच टीम को डिजिटल फॉरेंसिक एनालिसिस के दौरान बड़े सबूत मिले हैं. मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की व्हाट्सएप बातचीत से संकेत मिले हैं कि दोनों ने परिवारों से छिपाकर गुप्त शादी कर ली थी.
पुणे: पुणे (Pune) के मशहूर बिल्डर और रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल (Ketan Agarwal) की सनसनीखेज हत्या के मामले की जांच कर रही पुलिस और फॉरेंसिक टीम के हाथ एक बेहद महत्वपूर्ण सुराग लगा है. मुख्य आरोपी सिया गोयल (Siya Goyal) और सह-आरोपी चेतन चौधरी (Chetan Chaudhary) के डिजिटल दस्तावेजों की जांच के दौरान दोनों के बीच एक गुप्त रिश्ते का खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के व्हाट्सएप (WhatsApp) चैट के फॉरेंसिक विश्लेषण से यह संकेत मिले हैं कि वारदात को अंजाम देने से कई महीने पहले ही उन्होंने आपस में गुप्त रूप से शादी कर ली थी. पुलिस को यह जानकारी किसी सरकारी मैरिज सर्टिफिकेट से नहीं, बल्कि आरोपियों की आपसी चैट से मिली है, जिसने इस पूरे हत्याकांड की जांच का रुख बदल दिया है. यह भी पढ़ें: Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल को खाई में धकेलने के बाद मंगेतर सिया ने रख लिया था उसका फोन, पुलिस को सबूत मिटाने का शक
वॉट्पसऐप चैट में 'पति-पत्नी' के रूप में संबोधन
पुणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जासूसों ने जब आरोपियों के मोबाइल फोन और पर्सनल कंप्यूटर का फॉरेंसिक डेटा खंगाला, तो उनके बीच हुई कई हफ्तों लंबी चैट सामने आई. इन निजी बातचीत में सिया गोयल और चेतन चौधरी लगातार एक-दूसरे को "पति" (Husband) और "पत्नी" (Wife) कहकर संबोधित कर रहे थे.
इन संदेशों के सामने आने के बाद पुलिस अब इस थ्योरी पर काम कर रही है कि केतन अग्रवाल की हत्या के पीछे इन दोनों का छिपा हुआ रिश्ता और उससे जुड़ा कोई बड़ा मकसद (मोटिव) हो सकता है.
जांच का दायरा बढ़ा, डिलीट चैट किए जा रहे रिकवर
व्हाट्सएप में इस्तेमाल की गई इस शब्दावली की सच्चाई जानने और इसके कानूनी पहलुओं को प्रमाणित करने के लिए पुलिस ने जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। इस विस्तृत डिजिटल जांच के तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- डिलीट मैसेज की रिकवरी: दोनों आरोपियों के फोन से डिलीट किए जा चुके पुराने मैसेज और मीडिया फाइल्स को रिकवर किया जा रहा है.
- सीडीआर और लोकेशन मैपिंग: कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मोबाइल टावर लोकेशन डेटा के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों कब-कब और कहां साथ थे.
- वित्तीय लेन-देन की समीक्षा: दोनों के बैंक खातों और यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संयुक्त वित्तीय गतिविधि का पता चल सके.
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: उनके निजी और गुप्त सोशल मीडिया हैंडल्स की भी बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है.
परिवारों से छिपाई गई थी शादी की बात
स्थानीय मीडिया को दिए बयान में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अंदेशा है कि इस कथित शादी को सिया और चेतन दोनों के परिवारों से पूरी तरह गुप्त रखा गया था. जांच टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या केतन अग्रवाल को इस गुप्त रिश्ते या शादी की भनक लग गई थी, जिसके कारण उनकी हत्या की साजिश रची गई. पुलिस इस संभावित रिश्ते को मर्डर मिस्ट्री के मुख्य सूत्र के रूप में देख रही है.
हालांकि, कानूनी रूप से यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि चैट में इस्तेमाल किए गए शब्द केवल एक अनौपचारिक रिश्ता दर्शाते हैं या उन्होंने वास्तव में किसी मंदिर या अदालत में कानूनी तौर पर विवाह कर लिया था. वर्तमान में यह व्हाट्सएप चैट पुलिस की कस्टडी में बेहद गोपनीय दस्तावेज है और इसे अभी तक अदालत में पेश नहीं किया गया है. दोनों आरोपियों के वकीलों ने भी पुलिस के इन दावों पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है. मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को प्रोसेस करने का काम जारी है.