Conductor Theft in Malappuram: केरल के मलप्पुरम जिले से सरकारी संपत्ति की चोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है. केरल पुलिस ने मलप्पुरम के स्थित केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) कार्यालय के यार्ड से भारी मात्रा में एल्युमिनियम लाइन कंडक्टर (बिजली के तार) चोरी करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिजली बोर्ड का एक स्थायी कर्मचारी और चार अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारी शामिल हैं. यह कार्रवाई विभाग के अधिकारियों द्वारा स्टॉक में कमी पाए जाने और पुलिस को सूचित किए जाने के बाद की गई.
गश्त के दौरान पकड़े गए आरोपी
स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब आरोपी चोरी की गई एल्युमिनियम की तारों को एक वाहन में लादकर ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे. वഴിക്കടവ് पुलिस ने नियमित जांच और खुफिया इनपुट के आधार पर संदिग्ध वाहन को रोका और चोरी की गई भारी धातु के साथ पांचों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने मौके से चोरी का माल और अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहन को जब्त कर लिया है. यह भी पढ़े: Ayodhya Ram Mandir Donation Row: कौन हैं राम मंदिर दान चोरी मामले में गिरफ्तार हुए सभी 8 आरोपी? जानिए पूरी लिस्ट और उन पर लगी धाराएं
KSEB कार्यालय से एल्युमिनियम कंडक्टर की चोरी
VIDEO | Kerala: KSEB employee and contract worker are among five who have been arrested for theft of aluminium line conductors from the office in Malappuram.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/BhAdVqh6sk
— Press Trust of India (@PTI_News) June 27, 2026
आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस जांच में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान स्थापित हो चुकी है. मुख्य आरोपियों में वंडूर का रहने वाला थॉमस शामिल है, जो केएसईबी में एक स्थायी कर्मचारी के रूप में कार्यरत है. उसके साथ साजिश में शामिल अन्य चार लोग अनुबंध श्रमिक हैं, जिनके नाम अब्दुल सलाम (पुനലूर), जासिल हुसैन, हिशामुद्दीन और मोहम्मद हसीब (तीनों वल्लापुझा के निवासी) हैं.
सुरक्षा प्रोटोकॉल को दिया चकमा
शुरुआती जांच से पता चला है कि इस पूरी चोरी को सुनियोजित तरीके से अंजाम देने के लिए विभागीय पहुंच का दुरुपयोग किया गया था. थॉमस और अब्दुल सलाम ने मिलकर इस चोरी की साजिश रची थी और अन्य आरोपियों को गाड़ी के साथ यार्ड में बुलाया था. स्थायी कर्मचारी के पास कार्यालय और यार्ड की आंतरिक व्यवस्था की पूरी जानकारी थी, जिसके कारण वे मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल को आसानी से चकमा देने में सफल रहे.
विभागीय जांच और न्यायिक हिरासत
बिजली बोर्ड के भीतर से इस तरह की मिलीभगत सामने आने के बाद केएसईबी के शीर्ष अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. विभाग ने इस घटना के संबंध में एक आंतरिक जांच शुरू कर दी है. इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्रीय भंडारण इकाइयों और यार्डों में निगरानी को और कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं.
फिलहाल, पुलिस ने चोरी गए एल्युमिनियम कंडक्टरों का एक बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया है, जिसकी स्थानीय कबाड़ बाजार में काफी अधिक कीमत बताई जा रही है. सभी पांचों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना और पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो भी स्थानीय स्तर पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं.













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