केरल: कॉलेजों की दीवारों पर लगे 'भारत मेरा देश नहीं' के पोस्टर, पुलिस ने दर्ज किया केस- जांच जारी
पोस्टर पलक्कड़ के मलमपुझा में गवर्नमेंट ब्रेनन कॉलेज, थालास्सेरी के गवर्नमेंट आईटीआई कॉलेज की दीवारों पर चिपकाया गया था. इन पोस्टरों पर लिखा गया था कि 'भारत मेरा देश नहीं है'. ये पोस्टर मलयालम भाषा में लिखे गए थे.
केरल पुलिस (Kerala Police) ने पालमक्कड़ (Palakkad) और थालास्सेरी (Thalassery) में विवादित पोस्टर लगाए जाने के मामले में केस दर्ज किया है. यहां दो कॉलेजों की दावारों पर 'भारत मेरा देश नहीं है' (India is Not My Country) के पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर पलक्कड़ के मलमपुझा में गवर्नमेंट ब्रेनन कॉलेज, थालास्सेरी के गवर्नमेंट आईटीआई कॉलेज की दीवारों पर चिपकाया गया था. इन पोस्टरों पर लिखा गया था कि 'भारत मेरा देश नहीं है'. ये पोस्टर मलयालम भाषा में लिखे गए थे. पोस्टरों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (Students' Federation of India) का नाम लिखा हुआ है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. मामले की जांच जारी है. ये पोस्टर शुक्रवार शाम को देखे गए.
पोस्टर में लिखा गया था कि यह भारत मेरा देश नहीं है. ये भयानक लोग मेरे भाई-बहन नहीं हैं. मैं इस तरह के देश से प्यार नहीं करता. इसकी वर्तमान स्थिति में, मैं कोई गर्व नहीं करता. भारत में वर्तमान स्थिति में इन आतंकवादियों के साथ रहने में मुझे शर्म महसूस होती है. विवाद बढ़ने के बाद मामले में केरल पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 (दंगे के लिए उकसाना) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया गया है.
भारत मेरा देश नहीं के पोस्टर-
Kerala police have registered a case after a poster stating "India is not my country", was pasted on the walls of the Government Brennen college, Thalassery and the Government ITI college in Malampuzha, Palakkad. The poster was put up in the name of Students' Federation of India.
— ANI (@ANI) March 1, 2020
पोस्टर को कथित तौर पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा लगाया गया है. हालांकि, एसएफआई कहना है कि उनका इन पोस्टरों से कोई लेना-देना नहीं है. एसएफआई ने इस घटना की निंदा की है. एसएफआई के राज्य सचिव केएम सचिन देव ने कहा कि एसएफआई लोकतांत्रिक विरोध और संवैधानिक मूल्यों में भरोसा करती है. इस तरह के पोस्टर हमारे इस विचार के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि हमारा संगठन खुले तौर पर ऐसे पोस्टरों को गलत मानता है. अगर कोई एसएफआई कार्यकर्ता इन पोस्टरों के साथ जुड़ा हुआ है, तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे.
धर्मदोम सब-इंस्पेक्टर महेश ने एएनआई को बताया, "हमने आईपीसी की धारा -153 के तहत मामला दर्ज किया है (जो कि दंगा भड़काने के इरादे से उकसावे की कार्रवाई करता है) मामले में एक जांच जारी है, और हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये पोस्टर किसने लगाए हैं."
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 01, 2020 03:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

