Kerala: आईफोन और बॉयफ्रेंड की बाइक के लिए 13 साल की पोती ने रची दादा की हत्या की साजिश; 4 नाबालिग हिरासत में
केरल के अलप्पुझा जिले के करूवट्टा में 65 वर्षीय बुजुर्ग शिवनकुट्टी की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी 13 वर्षीय पोती और उसके तीन नाबालिग दोस्तों को हिरासत में लिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि 8वीं कक्षा की छात्रा ने अपने लिए आईफोन और बॉयफ्रेंड के लिए बाइक खरीदने व घर में रखे गहने-नकदी चुराने के मकसद से दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही दादा की हत्या की साजिश रची थी.
अलप्पुझा (केरल): केरल (Kerala) के अलप्पुझा जिले (Alappuzha District) के करूवट्टा में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की किराए के मकान में हुई संदिग्ध मौत की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. पुलिस जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच रिश्तों को तार-तार करने वाला है. मृतक शिवनकुट्टी चेट्टियार की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता उनकी खुद की 13 वर्षीय नाबालिग पोती निकली, जिसने अपने तीन नाबालिग दोस्तों की मदद से इस वारदात को अंजाम दिलवाया.
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली पोती समेत चारों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि किशोरी खुद के लिए नया आईफोन और अपने बॉयफ्रेंड के लिए बाइक खरीदना चाहती थी, जिसके लिए उसने घर में रखे सोने के आभूषण और नकदी लूटने की योजना बनाई थी. यह भी पढ़ें: Telangana: ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या, सहकर्मी पर हत्या का मामला दर्ज
बंद मकान में बंधे मिले थे हाथ-पैर, मिर्च पाउडर फैलाकर भागे थे आरोपी
मूल रूप से कोल्लम के परवूर निवासी शिवनकुट्टी करूवट्टा स्थित एक किराए के मकान में रह रहे थे. पड़ोसियों ने उन्हें आखिरी बार शनिवार, 15 अगस्त की शाम देखा था. इसके बाद दो दिनों तक घर बंद रहने पर जब सोमवार को पड़ोसियों और पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर उनका शव पड़ा मिला.
पुलिस के अनुसार:
- मृतक के हाथ-पैर बेडशीट और कपड़ों से पीछे की तरफ बंधे हुए थे और गले में कपड़ा कसा हुआ था.
- कमरे की अलमारी टूटी हुई थी और घर से लगभग छह से आठ संप्रभु (Sovereigns) सोने के आभूषण व नकदी गायब थी.
- सबूत मिटाने और पुलिस के खोजी कुत्तों को चकमा देने के लिए आरोपियों ने घटनास्थल पर मिर्च पाउडर बिखेर दिया था.
अकेलेपन का फायदा उठाकर दोस्तों को बुलाया
वारदात के समय शिवनकुट्टी घर में अकेले थे. उनकी पत्नी अपनी छोटी बेटी के प्रसव (Delivery) के सिलसिले में वंदनम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती थीं, जबकि बड़ी बेटी विदेश में रहती है.
घर में दादा को अकेला पाकर 13 वर्षीय पोती ने कोल्लम से अपने तीन नाबालिग दोस्तों को ट्रेन से बुलाया. उसने फोन पर घर का रास्ता समझाया और बाथरूम की छत की एस्बेस्टस शीट तोड़कर अंदर दाखिल होने का तरीका बताया. जब बुजुर्ग सो रहे थे, तब तीनों किशोरों ने तकिए व चादर से उनका दम घोंटकर हत्या कर दी और कीमती सामान समेटकर फरार हो गए.
हत्या के बाद वीडियो कॉल पर दिखाया था शव
पुलिस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) खंगालने पर इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ.
अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद वीडियो कॉल के जरिए पोती को शव दिखाया था ताकि वह सुनिश्चित कर सके कि काम पूरा हो चुका है. जब पुलिस ने लड़की से पूछताछ की, तो उसके बयानों में भारी विरोधाभास दिखा और घर के बाकी कमरों में तोड़फोड़ होने के बावजूद उसके कमरे में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं पाई गई, जिससे शक गहरा गया.
मोबाइल के इस्तेमाल पर डांटने से थी नाराज
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रा अपने दादा से इस बात को लेकर भी नाराज थी क्योंकि वे उसे देर तक मोबाइल फोन चलाने और देर शाम घर लौटने पर अक्सर डांटते और समझाते थे.
इसी नाराजगी और भौतिक सुख-सुविधाओं (आईफोन और बाइक) की चाहत में उसने इस गंभीर अपराध की योजना बनाई. पुलिस ने चारों नाबालिगों को हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि शव का पोस्टमार्टम अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में कराया गया है.