कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर अशोक ने त्रिवेणी संगम में 1,000 से अधिक 'अस्थियों' को किया प्रवाहित
दो महीने से अधिक समय तक प्रतीक्षा करने के बाद, कोई भी रिश्तेदार 'अस्थियां' लेने के लिए नहीं आया, जिसके बाद कर्नाटक के राजस्व मंत्री, आर अशोक ने श्रीरंगपट्टन में त्रिवेणी संगम में 1,000 से अधिक 'अस्थियों' को प्रवाहित किया. राजस्व मंत्री ने बुधवार को मुख्य पुजारी भानु प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में संकल्प लेने के बाद एक दर्जन से अधिक अस्थियों को नदी में प्रवाहित किया.
मंड्या, 3 जून: दो महीने से अधिक समय तक प्रतीक्षा करने के बाद, कोई भी रिश्तेदार 'अस्थियां' लेने के लिए नहीं आया, जिसके बाद कर्नाटक के राजस्व मंत्री, आर अशोक ने श्रीरंगपट्टन में त्रिवेणी संगम में 1,000 से अधिक 'अस्थियों' को प्रवाहित किया. राजस्व मंत्री ने बुधवार को मुख्य पुजारी भानु प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में संकल्प लेने के बाद एक दर्जन से अधिक अस्थियों को नदी में प्रवाहित किया. यह भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश: लावारिस शव को कंधे पर उठाकर 2 किमी पैदल चली महिला सब इंस्पेक्टर, अपने निस्वार्थ सेवा भाव से जीता दिल (Watch Viral Video)
अंतिम संस्कार करने के बाद अशोक ने ट्वीट कर कहा कि वह दिवंगत आत्माओं का अंतिम संस्कार करके संतुष्ट हैं. "मैंने यह उन रिश्तेदारों के डर को दूर करने के लिए किया है, जो शव का अंतिम संस्कार करने के बाद परिजनों की अस्थियां लेने नहीं आ रहें हैं. मैं उपायुक्तों को सभी जिलों में अंतिम संस्कार करने का निर्देश देता हूं, अगर कहीं भी अस्थियां काफी समय से लावारिस रखी हैं."
सरकारी अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि अस्थी विसर्जन हिंदू धार्मिक परंपरा के अनुसार एक बहुत ही महत्वपूर्ण धार्मिक प्रक्रिया है. अस्थी का अर्थ बचे हुई हड्डी या मृत लोगों की कुछ एकत्रित राख है. अंतिम संस्कार के बाद मृत व्यक्ति के अवशेष एकत्र किए जाते हैं, ये ज्यादातर कपड़े के एक टुकड़े में बंधे होते हैं. अंत में राख को नदी में विसर्जित कर दिया जाता है. विसर्जन की इस समग्र प्रक्रिया को 'अस्थी विसर्जन' कहा जाता है.
उन्होंने कहा कि इन अंतिम संस्कारों को करने के लिए श्रीरंगपट्टन को सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है. उनके अनुसार, ये अस्थियां बेंगलुरु के सभी 11 श्मशान घाटों में रखी हुई थी. जहां कोविड रोगियों का अंतिम संस्कार किया गया था.
अधिकारी ने कहा कि यह एक अप्रत्याशित परिस्थिति थी, हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद हम रिश्तेदारों तक नहीं पहुंच सके क्योंकि उनके मोबाइल फोन ज्यादातर बंद थे या फोन उठाए नहीं गए. इसके परिणामस्वरूप, हमारे पास नई अस्थियों को स्टोर करने के लिए जगह की कमी थी, इसलिए, बाद में सभी सावधानियों और उपायों को ध्यान में रखते हुए हमने लगभग 1,500 अस्थियों में से लगभग 1,000 अस्थियों का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया, जो काफी लंबे समय से रखी हुई थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 03, 2021 10:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

