Karnataka Horror: कर्नाटक के दावणगेरे में महिला को नशीला पदार्थ पिलाकर सामूहिक बलात्कार, वीडियो वायरल करने के आरोप में 10 गिरफ्तार

कर्नाटक के दावणगेरे जिले से एक अत्यंत विचलित कर देने वाली आपराधिक वारदात सामने आई है. यहाँ एक 41 वर्षीय महिला को नशीला पेय पदार्थ पिलाकर बेहोश किया गया और फिर सुनसान खेत में ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया. आरोपियों ने इस कृत्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य प्राथमिकी में नामजद सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

दावणगेरे, 9 जून: कर्नाटक (Karnataka) के दावणगेरे जिले (Davanagere District) में मानवता को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है. कर्नाटक पुलिस (Karnataka Police) ने एक 41 वर्षीय महिला को नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार करने और वारदात का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर प्रसारित करने के आरोप में 10 पुरुषों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह वीभत्स घटना 3 जून की शाम को बसवापटना पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले एक गांव में घटित हुई थी.  हालांकि, यह पूरा मामला पांच दिनों के बाद 8 जून को उस समय उजागर हुआ, जब आरोपियों ने अपराध का वीडियो फुटेज विभिन्न व्हाट्सएप (WhatsApp) ग्रुपों में लीक कर दिया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस को मामले की भनक लगी. यह भी पढ़ें: दिल्ली कोर्ट का बड़ा फैसला: 4 साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को फांसी देने से इनकार; कोर्ट ने कहा– 'दुर्लभ से दुर्लभतम' श्रेणी का मामला नहीं, काटना होगा आजीवन कारावास

लिफ्ट देने के बहाने पिलाया नशीला कोल्ड ड्रिंक; सुनसान खेत में किया ले जाकर कृत्य

पीड़ित महिला द्वारा पुलिस को दी गई आधिकारिक शिकायत के मुताबिक, घटना वाले दिन उसका अपने घर पर एक घरेलू विवाद (Domestic Dispute) हुआ था, जिसके बाद वह पैदल ही अपने गांव की ओर जा रही थी. इसी दौरान रास्ते में दो अज्ञात व्यक्ति मदद करने के बहाने उसके पास पहुंचे। इन पुरुषों ने महिला को एक कोल्ड ड्रिंक पीने की पेशकश की, जिसमें कथित तौर पर एक शक्तिशाली शामक (नशीला पदार्थ) मिला हुआ था। पेय पदार्थ का सेवन करने के कुछ ही मिनटों के भीतर महिला पूरी तरह अचेत (बेहोश) हो गई.

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जब महिला बेहोश हो गई, तो आरोपी उसे उठाकर गांव के बाहरी इलाके में स्थित एक सुनसान कृषि फार्म (Agricultural Farm) पर ले गए, जहां पहले से ही पुरुषों का एक बड़ा समूह इकट्ठा था. पीड़िता का आरोप है कि वहां मौजूद पुरुषों के पूरे समूह ने उसके साथ सामूहिक यौन उत्पीड़न किया। इस क्रूर कृत्य के दौरान आरोपियों ने महिला की तस्वीरें भी खींचीं और पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया.

व्हाट्सएप पर वीडियो लीक होने के बाद खुली पोल; सभी 10 आरोपी कस्टडी में

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए और पीड़िता को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ डिजिटल स्तर पर क्या साजिश रची गई है. 8 जून को जब साथी ग्रामीणों ने पीड़िता को सूचित किया कि उसके साथ हुई दरिंदगी का आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट और सोशल मीडिया मैसेंजर ऐप्स पर तेजी से प्रसारित हो रही हैं, तब महिला ने गहरे मानसिक आघात के बीच स्थानीय पुलिस प्रशासन से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.

मामले की संवेदनशीलता और जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए दावणगेरे पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई. पुलिस ने त्वरित छापेमारी करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) में नामजद सभी 10 आरोपियों को विधिक हिरासत में ले लिया है. दावणगेरे के पुलिस अधीक्षक (SP) शेखर एचटी ने पुष्टि की है कि सभी अभियुक्तों को सुरक्षित रूप से दबोच लिया गया है और मामले की आगे की गहन जांच जारी है.

भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत संगीन धाराएं दर्ज

पुलिस अधीक्षक शेखर एचटी के अनुसार, पकड़े गए सभी 10 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अत्यंत गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है. इसमें सामूहिक बलात्कार के लिए धारा 70, अश्लील वीडियो बनाने (मर्चेंट ऑफ वॉयूरिज्म) के लिए धारा 77, और गैर-कानूनी रूप से भीड़ इकट्ठा करने के लिए धारा 190 को लागू किया गया है. इसके अतिरिक्त, वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वितरित करने के गंभीर जुर्म के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों को भी मुकदमे में जोड़ा गया है.

घटनास्थल का निरीक्षण करने और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीमों को तैनात किया गया है, ताकि क्राइम सीन को री-कंस्ट्रक्ट किया जा सके। पीड़िता की अनिवार्य विधिक मेडिकल जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इसके साथ ही, पुलिस ने सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, ताकि साइबर सेल की मदद से इस वायरल वीडियो के डिजिटल उद्गम (Origin) और इसके डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को पूरी तरह ट्रैक किया जा सके और अदालत में पुख्ता डिजिटल साक्ष्य पेश किए जा सकें.

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