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Karnataka: वकीलों के मुद्दे पर आलोचना के बाद के उपमुख्यमंत्री ने कुमारस्वामी पर बोला हमला

रामानगर जिले में तनावपूर्ण स्थिति के लिए आलोचना झेलने के बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी पर हमला बोला.

Karnataka: वकीलों के मुद्दे पर आलोचना के बाद के उपमुख्यमंत्री ने कुमारस्वामी पर बोला हमला
(Photo : X)

बेंगलुरु, 21 फरवरी : रामानगर जिले में तनावपूर्ण स्थिति के लिए आलोचना झेलने के बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अधिवक्ताओं के आंदोलन और अन्य कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए पूर्व सीएम जिम्मेदार हैं.

शिवकुमार ने कनकपुरा शहर में आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वह और उनके भाई कांग्रेस सांसद डी.के. सुरेश क्षेत्र में अशांति फैला रहे हैं. वाराणसी कोर्ट के जज के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट लिखे जाने के बाद रामनगर क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया था. स्थिति तब और बिगड़ गई जब एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने 40 वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिन्होंने पोस्ट लिखने वाले के खिलाफ मामला दायर किया था. यह भी पढ़ें : PM Modi’s Gujarat Big Gift: लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात को पीएम मोदी का बड़ा तोहफा, देंगे 48 हजार करोड़ रुपए की सौगात

पुलिस सब-इंस्पेक्टर तनवीर हुसैन के निलंबन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, “मैंने भी इस संबंध में कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू करने को लेकर बयान दिया है. विधायकों ने भी यही राय दी है. हमने अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था. मैंने निर्देश दिया था कि किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए. भाजपा-जद(एस) नेता इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. उनके पास काम नहीं है और वे संकट की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.”

हुसैन ने कथित तौर पर एक एसडीपीआई कार्यकर्ता और एक वकील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए 40 वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिन्होंने वाराणसी के न्यायाधीश के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी. इस मामले पर भाजपा, जद(एस) और सत्तारूढ़ कांग्रेस टकराव की स्थिति में आ गये थे. अधिवक्ताओं ने एक सप्ताह तक आंदोलन किया था. दबाव में आकर आख़िरकार कांग्रेस सरकार ने उनके निलंबन की घोषणा कर दी.

शिवकुमार ने आगे कहा, ''भाजपा हमेशा अशांति पैदा करने में लगी रहती है. वे भावनात्मक और धार्मिक मामले उठाकर राजनीति करते हैं. भाजपा को अल्पसंख्यक पसंद नहीं हैं. भाजपा नेताओं ने सदन में दावा किया कि वे अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित अधिकारी नहीं चाहते.'' आगामी लोकसभा चुनाव पर उन्होंने कहा, ''हमने पिछले चुनाव के अगले दिन से ही अपना काम शुरू कर दिया था.''

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 21, 2024 03:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).