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Jimmy Boy Restaurant Shuts Down: मुंबई का एक और ऐतिहासिक पारसी भोजनालय 'जिम्मी बॉय' कैफे बंद, 100वीं वर्षगांठ से कुछ महीने पहले लगा ताला

मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित एक और ऐतिहासिक पारसी भोजनालय ‘जिम्मी बॉय’ कैफे ने अपनी 100वीं वर्षगांठ से कुछ महीने पहले ही अपने दरवाज़े बंद कर दिए हैं. कभी दक्षिण मुंबई की पहचान रहे ईरानी और पारसी होटल अब धीरे-धीरे शहर की यादों में सिमटते जा रहे हैं, और ‘जिम्मी बॉय’ भी अब इसी कड़ी का हिस्सा बन गया है.

Jimmy Boy Restaurant Shuts Down: मुंबई का एक और ऐतिहासिक पारसी भोजनालय 'जिम्मी बॉय' कैफे बंद, 100वीं वर्षगांठ से कुछ महीने पहले लगा ताला
(Photo Credits Twitter)

Jimmy Boy Restaurant Shuts Down: मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित एक और ऐतिहासिक पारसी भोजनालय ‘जिम्मी बॉय’ कैफे ने अपनी 100वीं वर्षगांठ से कुछ महीने पहले ही अपने दरवाज़े बंद कर दिए हैं. कभी दक्षिण मुंबई की पहचान रहे ईरानी और पारसी होटल अब धीरे-धीरे शहर की यादों में सिमटते जा रहे हैं, और ‘जिम्मी बॉय’ भी अब इसी कड़ी का हिस्सा बन गया है.

बिल्डिंग जर्जर की हालत बनी वजह

यह प्रतिष्ठित कैफे ‘विकास बिल्डिंग’ में स्थित था, जिसे बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने हाल ही में खतरनाक घोषित कर दिया था. क्योंकि बीएमसी के निरीक्षण में बिल्डिंग की पूर्वी दीवारों में गंभीर दरारें पाई गईं, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया था. 21 जून को बीएमसी ने मुंबई फायर ब्रिगेड और पुलिस की सहायता से इमारत खाली कराई और सुरक्षा के लिए पूरे परिसर को बैरिकेड्स से घेर दिया. यह भी पढ़े: Taj Hotel: मुंबई के ताज होटल परिसर में आराम से सोता मिला कुत्ता, पूछने पर प्रबंधन ने बताया अनोखा कारण (View Post)

100 साल पूरे होने से पहले ही बंद

कैफे के संचालन निदेशक शहजाद ईरानी ने बताया कि, “हम सितंबर 2025 में अपनी 100वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहे थे.  लेकिन इससे पहेल कैफे बंद हो गया.  शहजाद ईरानी ने बताया कि  यह कैफे पिछले करीब 100 वर्षों से एक ही परिवार द्वारा चलाया जा रहा था.” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक कैफे के दोबारा खुलने की कोई निश्चित तारीख या नया स्थान तय नहीं हुआ है.

खास व्यंजन और सांस्कृतिक पहचान

‘जिम्मी बॉय’ को दक्षिण मुंबई की सांस्कृतिक और खाद्य विरासत का प्रतीक माना जाता था. यह कैफे खासतौर पर अपने कीमा पाव, बेरी पुलाव, धानसक, मावा केक, ब्रून मस्का और पारंपरिक ईरानी चाय के लिए प्रसिद्ध था. यह सिर्फ एक भोजनालय नहीं, बल्कि एक युग की यादें संजोए रखने वाली जगह थी.

स्थानीय लोगों में उदासी

इस ऐतिहासिक स्थान के बंद होने से स्थानीय लोग बेहद निराश हैं। कई लोगों के लिए यह सिर्फ एक कैफे नहीं, बल्कि एक भावना थी, जहां पीढ़ियों ने साथ बैठकर पारसी भोजन का आनंद लिया करते थे

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 30, 2025 03:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).