Jhooth Ki Goonj: राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के दावों पर सवाल उठाने वाली नई वेबसाइट चर्चा में; जानिए क्या है पूरा मामला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के देशव्यापी छात्र संवाद अभियान ‘छात्रों की गूंज’ के दौरान किए गए विभिन्न दावों को लेकर इंटरनेट पर ‘झूठ की गूंज’ नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म सामने आया है. इस वेबसाइट पर कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे की रैलियों में दिए गए 40 बयानों का बिंदुवार विश्लेषण करते हुए 134 स्रोतों के हवाले से अपनी प्रतिक्रियाएं और रेटिंग दर्ज की गई हैं.
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के युवा संवाद कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ के दौरान दिए गए बयानों को लेकर डिजिटल स्पेस में एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है. इंटरनेट पर ‘झूठ की गूंज’ (Jhooth Ki Goonj) नाम से एक नया वेब पोर्टल लाइव हुआ है, जो छात्र रैलियों में राहुल गांधी द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों और आंकड़ों का बिंदुवार खंडन करने का दावा करता है.
वेबसाइट के अनुसार, इसमें कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में आयोजित चार प्रमुख सम्मेलनों के कुल 40 बयानों की समीक्षा की गई है और इसके लिए 134 संदर्भ स्रोतों का उल्लेख किया गया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या राहुल गांधी ने पुणे के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में टेलीप्रॉम्प्टर का इस्तेमाल किया? जानें सच्चाई
क्या है ‘झूठ की गूंज’ और इसका फॉर्मेट?
वेबसाइट ने अपनी टैगलाइन "फोर रैलीज, फोर्टी क्लेम्स, वन आंसर की" (Four rallies. Forty claims. One answer key) रखी है.
- इंटरएक्टिव इंटरफेस: वेबसाइट पर आने वाले यूजर्स किसी भी शहर/रैली का चयन करके राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों की सूची देख सकते हैं.
- रेटिंग और खंडन: प्रत्येक दावे के साथ वेबसाइट ने अपनी रेटिंग (जैसे "False" या "Misleading") दी है और साथ ही उस दावे के विपरीत अपने तर्क व संदर्भ लिंक प्रस्तुत किए हैं.
- संपादकीय दृष्टिकोण: वेबसाइट की भाषा और शैली स्पष्ट रूप से विपक्षी नेता के प्रति आलोचनात्मक है और यह स्वतंत्र व निष्पक्ष फैक्ट-चेकिंग एजेंसी के बजाय एक विशेष संपादकीय व राजनीतिक रुख के तहत काम करती दिखाई देती है.
सरकारी नौकरी और एआई (AI) से जुड़े दावों पर फोकस
वेबसाइट पर मुख्य रूप से दो प्रमुख विषयों पर दिए गए बयानों को निशाना बनाया गया है:
- सरकारी नौकरियों में चयन का अनुपात: कोटा, देहरादून और प्रयागराज में राहुल गांधी द्वारा सरकारी परीक्षाओं में 150 में से 1 अभ्यर्थी के चयन संबंधी आंकड़ों की तुलना की गई है और पोर्टल ने इन्हें भ्रामक करार दिया है.
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोजगार: राहुल गांधी के उस बयान को भी वेबसाइट पर सूचीबद्ध किया गया है जिसमें उन्होंने एआई के कारण 60 फीसदी नौकरियां खत्म होने और कॉरपोरेट बैक-ऑफिस भूमिकाओं के समाप्त होने की बात कही थी. वेबसाइट ने अपने स्रोतों के आधार पर इन आकलनों पर सवाल खड़े किए हैं.
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने युवाओं, छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से सीधे संवाद के लिए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की थी.
- यह अभियान 17 जून को कोटा से शुरू हुआ था, जिसके बाद देहरादून और प्रयागराज में कार्यक्रम आयोजित किए गए.
- अभियान का चौथा चरण 22 अगस्त को पुणे में आयोजित हुआ, जहां मुख्य रूप से युवा महिलाओं और छात्राओं के मुद्दों पर चर्चा की गई.
- इस अभियान का उद्देश्य देश में बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसरों पर ध्यान आकर्षित करना है.
वेबसाइट के निर्माताओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कुछ यूजर्स का दावा है कि इस वेबसाइट को 'जेन-जी' (Gen Z) युवाओं या एक छात्रा द्वारा तैयार किया गया है.
हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डोमेन विवरण और वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के आधार पर इसके पीछे कौन सा समूह, संगठन या व्यक्ति सक्रिय है, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. डिजिटल विश्लेषकों का मानना है कि यह पोर्टल युवाओं और छात्रों के बीच राजनीतिक नैरेटिव की लड़ाई को डिजिटल माध्यम पर ले जाने का एक नया प्रयास है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 26, 2026 08:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

