Jharkhand Student Protest: सरकार से बातचीत खत्म, CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

रविंद्र पासवान ने बताया कि सरकार ने TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की CID और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने का भी प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा कि यह सरकार के साथ दूसरी दौर की वार्ता थी, जिसमें तीनों JPSC परीक्षाओं को रद्द करने के प्रस्ताव पर विचार करने की सहमति बनी है.

Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच रविवार को एक और दौर की बातचीत हुई. बैठक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार ने 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा, JPSC बैकलॉग 2023 और JPSC बैकलॉग 2025 परीक्षाओं को रद्द करने पर विचार करने का आश्वासन दिया है. हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि CBI जांच की मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. यह भी पढ़ें: Jharkhand Student Protest: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों को CM हेमंत सोरेन का भरोसा, बोले- 'युवाओं को राजनीतिक संरक्षण नहीं, न्याय मिलेगा'

रविंद्र पासवान ने बताया कि सरकार ने TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की CID और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने का भी प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा कि यह सरकार के साथ दूसरी दौर की वार्ता थी, जिसमें तीनों JPSC परीक्षाओं को रद्द करने के प्रस्ताव पर विचार करने की सहमति बनी है.

CBI जांच पर नहीं बनी सहमति

रविंद्र पासवान ने कहा कि भर्ती सुधारों से जुड़ी छात्रों की अधिकांश मांगों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है. हालांकि, आयु सीमा में छूट जैसे कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी.

उन्होंने बताया कि JSSC CGL परीक्षा को लेकर छात्रों ने CBI जांच की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया. इसके बजाय सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने का प्रस्ताव दिया है. साथ ही यदि वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिलते हैं तो ED जांच भी कराई जाएगी.

CBI जांच तक आंदोलन जारी रहेगा

एक अन्य छात्र नेता कुणाल ने कहा कि विधानसभा घेराव का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि छात्र CBI जांच की मांग से पीछे नहीं हटेंगे और इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.

JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे मंजूर

इसी बीच झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर JPSC के तीन सदस्यों- अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं.

सरकार ने किया कई कदम उठाने का ऐलान

सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए बहुस्तरीय कार्ययोजना की घोषणा की है. इसके तहत 14वीं JPSC और 2023-25 बैकलॉग भर्ती की CID जांच, वित्तीय अनियमितताओं की ED जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना और भर्ती सुधारों के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला लिया गया है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर तीन दिनों तक छात्रों के साथ चर्चा और व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया.

प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि 2019 के बाद आयोजित JSSC CGL, JSSC JE और PGT परीक्षाओं को रद्द किया जाए. इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की CBI जांच, दोषियों और शामिल एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सभी श्रेणियों के कटऑफ, OMR शीट और रिस्पॉन्स शीट सार्वजनिक करने के साथ UPSC और SSC की तर्ज पर भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए.

 

Share Now