Jharkhand Student Protest: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों को CM हेमंत सोरेन का भरोसा, बोले- 'युवाओं को राजनीतिक संरक्षण नहीं, न्याय मिलेगा'

5 जुलाई को 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया था. इसके बाद से छात्र लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं.

Jharkhand Student Protest: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर पारदर्शी तरीके से न्याय किया जाएगा. झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपने अधिकारों के लिए किसी राजनीतिक संरक्षण की जरूरत नहीं है और अनियमितताओं के दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

'युवा अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं'

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के युवा अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हैं और उनकी सरकार ने ही उन्हें अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का साहस दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने अनियमितताओं को उजागर किया है और अब दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी.

सोरेन ने कहा कि युवाओं को किसी भी राजनीतिक दल के संरक्षण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि न्याय पाना उनका अधिकार है.

राजनीतिक दलों पर लगाया युवाओं को गुमराह करने का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सच और झूठ को मिलाकर भ्रम फैलाया जा रहा है, इसलिए युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार मजबूत हो रही है, जिसे कुछ लोग स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और इसी वजह से गलत जानकारी फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.

'संवाद से निकलेगा समाधान, लाठी-गोली से नहीं'

हेमंत सोरेन ने कहा कि जनता से जुड़े हर मुद्दे का समाधान संवाद के जरिए होना चाहिए, न कि लाठी या गोली से. उन्होंने कहा कि बल प्रयोग दुश्मनों के खिलाफ होना चाहिए, अपने ही लोगों के खिलाफ नहीं. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं की भावनाओं और चिंताओं को समझती है तथा पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय सुनिश्चित करेगी.

राज्यपाल ने भी छात्रों से की बातचीत की अपील

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से आंदोलन का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं और लगातार समाधान निकालने के लिए चर्चा कर रहे हैं. राज्यपाल ने कहा कि छात्र जब चाहें उनसे या मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं और सरकार उनके भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहती.

सरकार और छात्रों के बीच फिर हुई बैठक

रविवार को रांची में झारखंड सरकार और JPSC-JSSC सुधार मंच के प्रतिनिधियों के बीच एक और दौर की बातचीत हुई. आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मंत्रियों दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा और संजय यादव से मुलाकात की. छात्रों ने उम्मीद जताई कि सरकार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस कदम उठाएगी.

क्या है पूरा मामला?

5 जुलाई को 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया था. इसके बाद से छात्र लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं. इससे पहले सरकार ने छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने के लिए एक विशेष ईमेल आईडी भी जारी की थी, ताकि भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक सुधार किए जा सकें.

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