Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर को आयुर्वेद क्षेत्र में बड़ी सौगात, अखनूर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज को मिलीं 35 पीजी सीटें
जम्मू-कश्मीर में आयुर्वेद शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है. अखनूर स्थित गवर्नमेंट आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज को केंद्र सरकार द्वारा 35 नई आयुर्वेद पीजी सीटें मंजूर की गई हैं. यह जम्मू-कश्मीर के लिए पहली बार है जब किसी आयुर्वेदिक संस्थान को इतनी बड़ी संख्या में पीजी सीटों की सौगात मिली है.
श्रीनगर, 4 सितंबर : जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में आयुर्वेद शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है. अखनूर स्थित गवर्नमेंट आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज को केंद्र सरकार द्वारा 35 नई आयुर्वेद पीजी सीटें मंजूर की गई हैं. यह जम्मू-कश्मीर के लिए पहली बार है जब किसी आयुर्वेदिक संस्थान को इतनी बड़ी संख्या में पीजी सीटों की सौगात मिली है.
यह मंजूरी केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा दी गई है, जिसके लिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव का हार्दिक आभार व्यक्त किया है. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा गया, "यह जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा है, जो आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में करियर बनाना चाहते हैं." यह भी पढ़ें : Assam Fraud Case: असम पुलिस ने 3 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में भुवनेश्वर से एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार
जीएएमसी अखनूर में अब 7 नए पीजी डिग्री कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनमें कुल 35 सीटें होंगी. यह आयुर्वेद शिक्षा, शोध और चिकित्सा सेवाओं को राज्य में नया आयाम देगा. इससे न केवल स्थानीय छात्रों को अवसर मिलेगा, बल्कि यह संस्थान अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकेगा. उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि आयुर्वेद आज एक वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य और लोकप्रिय चिकित्सा पद्धति बन चुका है. दुनियाभर में लोग अब आयुर्वेदिक उपचार, जीवनशैली और प्राचीन भारतीय ज्ञान को अपनाने लगे हैं.
उपराज्यपाल कार्यालय की एक्स पोस्ट के जरिए आगे कहा गया, "आयुर्वेद शरीर, मन और आत्मा के संतुलन के माध्यम से संपूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करता है और यह कई बीमारियों के रोकथाम एवं प्रबंधन में प्रभावी है." इन नई पीजी सीटों और कोर्स की शुरुआत से जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलेगी. साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा में मानव संसाधन, अनुसंधान और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे. यह पहल राज्य में समग्र और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने में सहायक होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 05, 2025 08:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

