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जयराम ठाकुर ने मंत्री अनिरुद्ध को बर्खास्त करने की मांग की, बोले- इतने गंभीर मामले में एफआईआर काफी नहीं

भारतीय जनता पार्टी ने एनएचएआई अधिकारी के साथ मारपीट केस में हिमाचल प्रदेश के मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ एफआईआर को नाकाफी बताया है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की.

जयराम ठाकुर ने मंत्री अनिरुद्ध को बर्खास्त करने की मांग की, बोले- इतने गंभीर मामले में एफआईआर काफी नहीं

शिमला, 2 जुलाई : भारतीय जनता पार्टी ने एनएचएआई अधिकारी के साथ मारपीट केस में हिमाचल प्रदेश के मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ एफआईआर को नाकाफी बताया है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की. जयराम ठाकुर ने मंडी में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मंत्री के खिलाफ जानबूझकर एफआईआर में कुछ धाराओं को नहीं जोड़ा गया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बेवजह "हत्या के प्रयास" की धारा के तहत मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, जबकि इस मामले में प्रदेश सरकार अपने मंत्री को बचाने में लगी हुई है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री का नेतृत्व पूरी तरह समाप्त हो चुका है. मंत्री कुछ भी कह जाते हैं, कुछ भी कर जाते हैं. ऐसे ही उनकी पार्टी के नेता भी करते रहते हैं. खासतौर पर शिमला में जो घटना घटी है, उसमें मंत्री ने एनएचएआई के अधिकारी को मारा-पीटा. अगर अधिकारी की कोई गलती थी तो उसको बोल सकते थे, लेकिन मारपीट नहीं कर सकते हैं." यह भी पढ़ें : रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना एक ऐतिहासिक कदम, मील का पत्थर साबित होगी: एनएफआईटीयू

जयराम ठाकुर ने कहा, "मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. जिस तरह का जानलेवा हमला किया गया था, इसके लिए जो सेक्शन लगने थे, वो नहीं लगाए गए हैं."उन्होंने कहा, "भाजपा के नेता अगर प्रदर्शन भी करते हैं तो उनके ऊपर हत्या से जुड़ी धारा लगा दी जाती है. उनका मंत्री एक अधिकारी को कमरे में बंद करके मारता है. वो अधिकारी अस्पताल में भर्ती है, फिर भी उनके ऊपर हत्या की कोशिश जैसी धारा नहीं लगाई गई है. इस पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है."भाजपा नेता ने कहा, "ये एफआईआर काफी नहीं है. मुख्यमंत्री को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और अपने मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए."

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2025 03:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).