J&K Road Accident: कुपवाड़ा में गहरी खाई से किशनगंगा नदी में गिरी अनियंत्रित गाड़ी; 5 यात्रियों की मौत, 6 गंभीर रूप से घायल
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती कुपवाड़ा जिले में सोमवार, 28 सितंबर को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा करनाह सीमा क्षेत्र में तीतवाल-सिमारी मार्ग पर उस समय हुआ जब एक यात्री वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई से होते हुए सीधे उफनती किशनगंगा नदी में जा गिरा। स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव अभियान चलाया और घायलों को पहले उप-जिला अस्पताल तंगधार तथा बाद में बेहतर इलाज के लिए जीएमसी हंदवाड़ा रेफर किया
श्रीनगर: उत्तरी कश्मीर के सीमावर्ती जिले कुपवाड़ा के करनाह सेक्टर में सोमवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है. अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों से भरा एक वाहन तीतवाल-सिमारी मार्ग पर अचानक सड़क से फिसल गया और लुढ़कते हुए सीधे किशनगंगा नदी में समा गया.
हादसे में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिक, पुलिस और सेना के जवान मौके पर पहुंचे और नदी के तेज बहाव के बीच से शवों व घायलों को बाहर निकाला. यह भी पढ़ें: Mumbai Coastal Road Accident: मुंबई कोस्टल रोड पर दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार BMW डिवाइडर से टकराई, 3 की मौत, एक की हालत गंभीर; VIDEO
तंगधार से हंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए घायल
हादसे के बाद बचाव दल ने तत्काल प्राथमिक उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की:
- राहत व बचाव अभियान: दुर्घटनाग्रस्त वाहन से निकाले गए सभी छह घायलों को तुरंत नजदीकी उप-जिला अस्पताल तंगधार पहुंचाया गया.
- हायर सेंटर रेफर: प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी और सर्जरी के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) हंदवाड़ा रेफर कर दिया.
- पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों के परिजनों से संपर्क कर उनकी औपचारिक पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
कुपवाड़ा में सड़क दुर्घटना
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताया दुख, दिए हरसंभव मदद के निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस दुखद सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक प्रकट किया:
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए उपराज्यपाल ने लिखा: "कुपवाड़ा में एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में लोगों की जान जाने से बेहद दुखी हूं. शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. मैंने जिला प्रशासन को घायलों का सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं."
- प्रशासन ने हंदवाड़ा अस्पताल प्रबंधन को घायलों को प्राथमिकता के आधार पर दवाएं और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दुख जताया
घाटी की पहाड़ी सड़कों पर लगातार हादसों की बड़ी वजहें
जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में लगातार होने वाले जानलेवा सड़क हादसों को लेकर ट्रैफिक विभाग और संसदीय अध्ययनों में कई गंभीर कारण रेखांकित किए गए हैं:
- तेज रफ्तार और लापरवाही: अत्यधिक गति (Overspeeding) को घातक दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण माना गया है. संकरी पहाड़ी सड़कों पर अचानक ओवरटेक करना और लेन अनुशासन की अनदेखी आमने-सामने की भीषण टक्करों की वजह बनती है.
- कठिन भूगोल और क्रैश बैरियर की कमी: नाजुक पहाड़ी ढलानों, चट्टानों के खिसकने, मिट्टी के धंसने और बारिश-बर्फबारी से होने वाले कटाव के कारण वाहन चालक नियंत्रण खो बैठते हैं. कई संवेदनशील ब्लाइंड मोड़ों पर सुरक्षात्मक क्रैश बैरियर और सर्विस लेन का अभाव जानलेवा साबित होता है.
- निगरानी और चेकिंग: दूरदराज के क्षेत्रों में वाणिज्यिक यात्री वाहनों की ओवरलोडिंग और तकनीकी फिटनेस की नियमित जांच न होना भी जोखिम बढ़ाता है.
यातायात विभाग ने बताया है कि पर्वतीय जिलों में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन रोकने और ओवरस्पीडिंग पर नकेल कसने के लिए विशेष जांच दलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है.