Nitin Gadkari Retirement Rumours: क्या राजनीति से संन्यास ले रहे हैं नितिन गडकरी? वायरल बयान पर केंद्रीय मंत्री के कार्यालय ने जारी किया स्पष्टीकरण
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया चैनलों पर उनके राजनीति से संन्यास लेने की अटकलें लगाई जाने लगीं. नागपुर के एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा था कि वे अब पहले जितना काम नहीं कर पा रहे हैं और नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए.
नागपुर/नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) के एक हालिया भाषण के अंश वायरल होने के बाद उनके सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की चर्चाएं शुरू हो गईं. नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि अब वे पहले की तरह अधिक काम नहीं कर पाते और जिम्मेदारियां नई पीढ़ी को दी जानी चाहिए.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बयान के राजनीतिक अर्थ निकाले जाने के बाद मंगलवार को गडकरी के कार्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया. यह भी पढ़ें: E20 Petrol Policy: नितिन गडकरी के खिलाफ डीपफेक और आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश, Meta और Google को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
गडकरी के कार्यालय का स्पष्टीकरण: 'ट्रस्ट के संदर्भ में कही गई थी बात'
केंद्रीय मंत्री के कार्यालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि कुछ समाचार चैनलों ने उनके बयान को संदर्भ से काटकर (Out of Context) पेश किया है:
"नितिन गडकरी जी के बयान का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. वे विशेष रूप से लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के कामकाज और उसके भविष्य के नेतृत्व को लेकर बात कर रहे थे, जो आदिवासी क्षेत्रों में एकल विद्यालय चलाता है. इस संदर्भ में उन्होंने कहा था कि वे अब ट्रस्ट का पहले जितना काम खुद नहीं संभाल सकते और युवा पीढ़ी को आगे आकर बड़ी जिम्मेदारी लेनी चाहिए."
कार्यालय ने जोर देकर कहा कि गडकरी केंद्र सरकार में अपने मंत्री पद और जिम्मेदारियों को पूरी सक्रियता के साथ निभा रहे हैं और राजनीतिक संन्यास का कोई सवाल ही नहीं है.
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नागपुर के कार्यक्रम में क्या बोले थे केंद्रीय मंत्री?
ETV Bharat की रिपोर्ट के अनुसार, गडकरी नागपुर जिले के काटोल में एकलव्य एकल विद्यालय के शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
मराठी में अपने संबोधन के दौरान 69 वर्षीय वरिष्ठ नेता ने कहा:
- सार्वजनिक जीवन का लंबा अनुभव: "मैं पिछले 30 से अधिक वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हूं। मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और कई जिम्मेदारियां निभाई हैं."
- नई पीढ़ी को कमान: "मैं किसी के लिए प्रेरणा नहीं हूं। आजकल मैं उतना काम नहीं कर पाता जितना पहले करता था. इसलिए मैं कहता हूं कि हमें काम की कमान नई पीढ़ी के हाथों में देनी चाहिए। नए लोग आगे आएंगे और पुरानी पीढ़ी उनका मार्गदर्शन करेगी."
- आदिवासी क्षेत्रों का विकास: उन्होंने संकल्प जताया कि उनका लक्ष्य यह देखना है कि महाराष्ट्र का कोई भी आदिवासी गांव रोशनी और विकास से वंचित न रहे.
स्वास्थ्य और जीवनशैली पर भी साझा किए थे विचार
संबोधन के दौरान नितिन गडकरी ने अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन की दिनचर्या और हाल के वर्षों में जीवनशैली में आए बदलावों पर भी चर्चा की थी:
- उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में वे समय की परवाह किए बिना काम करते थे और जो भी उपलब्ध होता था खा लेते थे.
- कोविड काल के बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या में अनुशासन लाया है और नियमित योग-व्यायाम शुरू किया है.
- उन्होंने रेखांकित किया कि जीवन में पद, सत्ता और प्रतिष्ठा से अधिक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य है.
संन्यास की कोई औपचारिक घोषणा नहीं
आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि गडकरी का बयान केवल उनके सामाजिक संगठन और ट्रस्ट के आंतरिक कार्यभार को लेकर था. वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक हैं और देश के राष्ट्रीय राजमार्ग व एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विकास से लगातार जुड़े हुए हैं.