UIDAI की नागरिकों से अपील, आधार रिकॉर्ड में जेंडर की जानकारी सत्यापित कर अपडेट करें
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश के नागरिकों को अपने आधार कार्ड में लिंग (Gender) संबंधी विवरण की जांच करने और किसी भी त्रुटि की स्थिति में उसे तुरंत अपडेट करने की सलाह दी है. सरकारी और वित्तीय सेवाओं के निर्बाध लाभ के लिए यह अपडेट आवश्यक है.
नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नई परामर्श (Advisory) जारी कर देश के सभी नागरिकों से अपने आधार रिकॉर्ड में जनसांख्यिकीय (Demographic) जानकारी को अद्यतन रखने का आग्रह किया है. प्राधिकरण ने विशेष रूप से आधार में दर्ज लिंग (Gender) संबंधी विवरण की सटीकता की जांच करने पर जोर दिया है. यूआईडीएआई के अनुसार, पहचान के सटीक सत्यापन और विभिन्न सरकारी व वित्तीय सेवाओं का बिना किसी रुकावट के लाभ उठाने के लिए सही जनसांख्यिकीय विवरण होना अत्यंत आवश्यक है.
सही विवरण क्यों है जरूरी?
यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान प्रक्रिया में आधार में दर्ज प्रत्येक जानकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. यदि किसी नागरिक के आधार रिकॉर्ड में लिंग या अन्य विवरण गलत दर्ज हैं या उनमें कोई परिवर्तन हुआ है, तो आधिकारिक दस्तावेजों से मिलान के लिए उन्हें तुरंत संशोधित किया जाना चाहिए. यह भी पढ़े: Aadhaar Appointment Online: आधार सेवा केंद्र की ऑनलाइन अपॉइंटमेंट कैसे बुक करें? जानिए myAadhaar पोर्टल का आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
प्राधिकरण के अनुसार, यदि आधार डेटाबेस और नागरिक के आधिकारिक दस्तावेजों के बीच कोई भिन्नता पाई जाती है, तो जनकल्याणकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं या अन्य आवश्यक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सत्यापन (Verification) विफल हो सकता है.
कैसे कराएं लिंग व अन्य विवरण में सुधार?
लिंग और अन्य जनसांख्यिकीय विवरणों में सुधार या अपडेट कराने के लिए नागरिकों को व्यक्तिगत रूप से नामांकन केंद्र जाना होगा.
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निकटतम आधार केंद्र पर जाएं: नागरिकों को अपनी जनसांख्यिकीय जानकारी में सुधार का औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत करने के लिए अपने नजदीकी अधिकृत आधार नामांकन या अपडेट केंद्र पर जाना होगा.
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केंद्र की लोकेशन कैसे खोजें: यूआईडीएआई ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक वेबसाइट या जन-जागरूकता पोस्टरों पर दिए गए क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन करके अपने पास के आधार केंद्र का पता लगा सकते हैं.
समय-समय पर रिकॉर्ड्स की समीक्षा की सलाह
केवल लिंग संबंधी विवरण ही नहीं, बल्कि यूआईडीएआई ने नागरिकों को समय-समय पर अपनी सभी मूल जनसांख्यिकीय जानकारियों की समीक्षा और सत्यापन करने की सिफारिश की है. इसमें नाम, आवासीय पता, जन्म तिथि, पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी शामिल हैं.
प्राधिकरण का कहना है कि इन जानकारियों को अद्यतन रखने से भविष्य में किसी भी प्रशासनिक या वित्तीय सत्यापन के दौरान नागरिकों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा.