टैक्सपेयर्स ध्यान दें! जुर्माने से बचने के लिए 31 मार्च से पहले पूरा कर लें ये जरूरी काम
कुछ दिनों में नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है. इस के साथ ही वित्तीय वर्ष 2020-21 से संबंधित कई जरुरी कामों की भी डेडलाइन नजदीक आ रही है. आईटीआर फाइल करने से लेकर टैक्स डिडक्शन क्लेम जैसे कई कामों की आखिरी तारीख आगामी 31 मार्च है.
नई दिल्ली: कुछ दिनों में नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है. इस के साथ ही वित्तीय वर्ष 2020-21 से संबंधित कई जरुरी कामों की भी डेडलाइन नजदीक आ रही है. आईटीआर फाइल करने से लेकर टैक्स डिडक्शन क्लेम जैसे कई कामों की आखिरी तारीख आगामी 31 मार्च है. अगर टैक्सपेयर्स इस तारीख को मिस करते है तो उन्हें भारी भरकम जुर्माने का भी भुगतान करना पड़ सकता है, साथ में बेवजह की परेशानियों को भी झेलना पड़ सकता है. ऐसे में समय रहते इन जरुरी कामों को निपटा लेने में ही समझदारी है. NPS में निवेश है फायदेमंद, टैक्स की बचत सहित जान लें जरूरी बातें
ITR फाइल करने की डेडलाइन
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी समय सीमा 31 मार्च है. हालांकि यह कम जुर्माने और ब्याज के साथ ही दाखिल होगा. लेकिन इस डेडलाइन को मिस करने वाले लोगों को भारी जुर्माना भरना पड़ेगा और इनकम टैक्स विभाग की नेटिस का जवाब भी देना पड़ सकता है. यानी की मुसीबत बहुत बढ़ जाएगी.
रिवाइज्ड ITR की आखिरी डेट
यदि आपने पहले आईटीआर फाइल किया था और उसमें कोई गलती की थी, तो उसे जल्द से जल्द सुधर लीजिये. क्योकि रिवाइज्ड आईटीआर भरने की भी अंतिम तारीख 31 मार्च ही है. इसके बाद आईटीआर में कोई भी बदलाव आसानी से नहीं किया जा सकता है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आईटी रिटर्न दाखिल करने के लिए नियत तारीखों के और विस्तार की प्रतीक्षा कर रहे टैक्सपेयर्स की उम्मीदों को धराशायी करते हुए जनवरी में कहा था कि इस प्रक्रिया में अनिश्चितकाल देरी नहीं की जा सकती. इससे कर विभाग की कार्यप्रणाली और सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न हो सकती है.
पीपीएफ (PPF) अकाउंट और एनपीएस (NPS) अकाउंट में न्यूनतम योगदान
यदि आपके पास पीपीएफ अकाउंट है, भले ही वह आपके स्वयं के नाम पर या बच्चों या पति या पत्नी के नाम हो, तो आपको खाते को निष्क्रिय होने से बचाने के लिए प्रत्येक खाते में हर साल न्यूनतम 500 रुपये का योगदान करना होगा. हालांकि 31 मार्च के बाद नॉमिनल अमाउंट के भुगतान और डिफ़ॉल्ट होने के प्रत्येक वर्ष के हिसाब से 500 रुपये के योगदान से निष्क्रिय खाते को एक्टिव किया जा सकता है. इसी तरह यदि आपके पास एक एनपीएस अकाउंट है, तो आपको उसमें हर साल न्यूनतम 500 रुपये जमा करने की आवश्यकता होती है, नहीं तो अकाउंट फ्रिज हो जायेगा. फिर से अकाउंट को मामूली जुर्माना भरकर और 500 रुपये का भुगतान करके फिर से सक्रिय किया जा सकता है.
पैन-आधार लिंकिंग
आधार (Aadhaar) संख्या को पैन (PAN) के साथ जोड़ने की समय सीमा भी 31 मार्च 2021 को ही समाप्त हो रही है. पैन-आधार को इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर लिंक किया जा सकता है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) 12 अंकों वाला आधार जारी करता है जबकि आयकर विभाग किसी, व्यक्ति या इकाई को 10 अंकों (अंग्रेजी और अंकों को मिलाकर) वाला पैन जारी करता है. आयकर विभाग के अनुसार अगर पैन को निर्धारित अवधि में आधार से नहीं जोड़ा जाता है, वह निष्क्रिय हो जाएगा.
डिडक्शन क्लेम
वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए इनकम टैक्स डिडक्शन क्लेम करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है. लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ अकाउंट में इंवेस्टमेंट, मेडिक्लेम प्रीमियम का भुगतान और चैरिटेबल ट्रस्ट को डोनेशन आदि की पेमेंट पर टैक्स बेनिफिट लिया जा सकता है. हालांकि अगर आप यह काम 31 मार्च तक नहीं करते हैं तो आपको अपनी इनकम पर ज्यादा टैक्स भरना पड़ सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 24, 2021 06:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

