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Rule Change 1 August: LPG, तत्काल टिकट से लेकर टैक्स तक, 1 अगस्त से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम; जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर

भारतीय रेलवे में तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में 1 अगस्त से संभावित बदलावों और एक नए टोकन सिस्टम के लागू होने की खबरों पर नवीनतम जानकारी। यह लेख मौजूदा तत्काल बुकिंग प्रक्रिया और भविष्य के संभावित परिवर्तनों पर प्रकाश डालता है।

Rule Change 1 August: LPG, तत्काल टिकट से लेकर टैक्स तक, 1 अगस्त से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम; जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर
(Photo Credits Twitter)

 Rule Change 1 August: जुलाई का महीना समाप्त होने की ओर है और 1 अगस्त 2026 से देश में कई महत्वपूर्ण वित्तीय व प्रशासनिक नियम बदलने जा रहे हैं. इन नए नियमों का सीधा प्रभाव आम नागरिकों के मासिक बजट, बैंकिंग सेवाओं और दैनिक लेनदेन पर पड़ सकता है. हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी एलपीजी सिलेंडर के नए रेट, क्रेडिट कार्ड की शर्तें, आयकर रिटर्न (ITR) की समयसीमा और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े कई बदलाव लागू होने की संभावना है. किसी भी तरह के अतिरिक्त शुल्क या परेशानी से बचने के लिए इन बदलावों की समय रहते जानकारी होना आवश्यक है.

रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग: टोकन प्रणाली में समन्वय

1 अगस्त 2026 से भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य रेलवे जैसे कुछ प्रमुख जोनों ने आरक्षण काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए नया 'टोकन सिस्टम' लागू किया है. इस नई व्यवस्था के तहत टोकन जारी करने का समय और तत्काल बुकिंग शुरू होने का समय एक साथ (सिंक्रोनाइज) रखा गया है.

पहले यात्रियों को सुबह जल्दी टोकन लेने के बाद दोबारा बुकिंग के समय लाइन में लगना पड़ता था. अब एसी (AC) टिकटों के लिए सुबह 8:30 से 9:00 बजे और स्लीपर क्लास के लिए 9:00 से 9:30 बजे के बीच टोकन बांटे जाएंगे. इसका मुख्य उद्देश्य आरक्षण काउंटरों पर भीड़ को नियंत्रित करना और दलाली पर अंकुश लगाना है.

इनकम टैक्स रिटर्न: 31 जुलाई की डेडलाइन खत्म, अब लगेगा जुर्माना

वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आईटीआर-1 (ITR-1) और आईटीआर-2 (ITR-2) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई थी. 1 अगस्त 2026 से फाइल किए जाने वाले रिटर्न को 'बिलेटेड रिटर्न' माना जाएगा, जिस पर आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की पेनल्टी देनी पड़ सकती है.

इसके अलावा, देरी से रिटर्न दाखिल करने पर करदाताओं को कुछ विशिष्ट टैक्स रिजीम या घाटे को आगे (Carry Forward) ले जाने का लाभ नहीं मिलेगा. बिजनेस और बिना ऑडिट वाले मामलों (ITR-3 और ITR-4) के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 रहेगी.

एलपीजी सिलेंडर की दरें और आरबीआई एमपीसी बैठक

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं. 1 अगस्त 2026 को घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार के गैस सिलेंडरों के नए रेट जारी किए जाएंगे. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के आधार पर घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है.

इसी के साथ, अगस्त के पहले सप्ताह (3 से 5 अगस्त 2026) में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (RBI MPC) की समीक्षा बैठक आयोजित होने जा रही है. इस बैठक में रेपो रेट को लेकर लिए जाने वाले निर्णय का सीधा असर बैंक लोन की ईएमआई (EMI) और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों पर दिखेगा.

क्रेडिट कार्ड और CKYC 2.0 का नया फ्रेमवर्क

1 अगस्त से कई प्रमुख बैंक अपने क्रेडिट कार्ड के नियम, जैसे रिवॉर्ड पॉइंट्स, लाउंज एक्सेस, लेट पेमेंट फीस और यूटिलिटी बिल भुगतान पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में संशोधन लागू करने जा रहे हैं.

इसके साथ ही, अगस्त 2026 से भारतीय बैंक, इंश्योरेंस कंपनियां और एसेट मैनेजमेंट संस्थान 'सेंट्रल नो योर कस्टमर 2.0' (CKYC 2.0) प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय कर रहे हैं. इस कॉमन कस्टमर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम के तहत किसी भी नए वित्तीय संस्थान में खाता खोलते समय या जानकारी अपडेट करते समय बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी और सेंट्रल रजिस्ट्री से डेटा हासिल करने के लिए केवल ग्राहक की एकमुश्त सहमति की आवश्यकता रहेगी, जिससे वित्तीय धोखाधड़ी पर भी प्रभावी रोक लगेगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2026 09:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).