Pune Metro Line 3 Update: पुणे मेट्रो लाइन-3 का पहला चरण शुरू होने के लिए तैयार, सुरक्षा मंजूरी के बाद अब उद्घाटन की तारीख का इंतजार

पुणे मेट्रो लाइन-3 (हिंजवडी से शिवाजीनगर) के पहले चरण का 13 किलोमीटर लंबा मार्ग परिचालन के लिए पूरी तरह तैयार है. सीएमआरएस (CMRS) से सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद अब केवल मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से उद्घाटन की तारीख का इंतजार किया जा रहा है.

(Pune Metro-3)

Pune Metro Line 3 Update:  पुणे वासियों और आईटी पेशेवरों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. पुणे मेट्रो लाइन-3 (हिंजवडी से शिवाजीनगर) के मान (Maan) से आरके लक्ष्मण म्यूजियम (बालेवाड़ी) तक के 13 किलोमीटर लंबे पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CMRS) से प्रोविजनल सुरक्षा मंजूरी मिलने के बावजूद इस रूट पर यात्री सेवाओं की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से आधिकारिक तारीख और मुख्य अतिथि की हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है.

पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) के अधिकारियों ने उद्घाटन की तिथि और कार्यक्रम के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा है. प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही इस मार्ग पर मेट्रो का वाणिज्यिक परिचालन शुरू कर दिया जाएगा.

12 स्टेशनों के साथ 13 किमी मार्ग तैयार

पुणे मेट्रो लाइन-3 के पहले चरण में कुल 12 स्टेशन शामिल हैं. इस 13 किलोमीटर के स्ट्रेच का निरीक्षण सीएमआरएस (CMRS) की टीम द्वारा जुलाई के पहले पखवाड़े में किया गया था, जिसके बाद 23 जुलाई को इसे सुरक्षा मंजूरी प्रदान की गई.

यह मार्ग आईटी हब हिंजवडी को बालेवाड़ी से जोड़ता है. इसके चालू होने से राजीव गांधी इंफोटेक पार्क में प्रतिदिन आवाजाही करने वाले हजारों कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी.

नागरिकों और आईटी पेशेवरों की मांग: बिना देरी शुरू हो मेट्रो

सुरक्षा मंजूरी मिलने के तीन सप्ताह बाद भी तारीख तय न होने पर स्थानीय नागरिकों, यात्री संगठनों और आईटी पेशेवरों ने नाराजगी व्यक्त की है.

नागरिक संगठनों का कहना है कि औपचारिकता या वीआईपी उद्घाटन के इंतजार में जनसुविधा में देरी नहीं होनी चाहिए. यात्रियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर इस रूट को जनता के लिए तुरंत खोल दिया जाए.

पीपीपी मॉडल पर आधारित भारत का पहला मेट्रो प्रोजेक्ट

23.3 किलोमीटर लंबा हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो कॉरिडोर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाने वाला देश का पहला मेट्रो प्रोजेक्ट है. इसका निर्माण पीएमआरडीए (PMRDA) और टाटा ग्रुप-सीमेंस के संयुक्त उद्यम 'पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड' (PITCMRL) द्वारा किया जा रहा है.

दूसरे चरण में बालेवाड़ी से आगे शिवाजीनगर और सिविल कोर्ट तक का काम पूरा किया जाएगा, जिससे यह कॉरिडोर महा मेट्रो (Maha Metro) के मौजूदा पर्पल और एक्वा नेटवर्क से पूरी तरह जुड़ जाएगा

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