प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मिलती है ₹6,000 तक की सहायता, जानें आवेदन प्रक्रिया और पूरी जानकारी
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ₹6,000 तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है. जानिए इस योजना के नए नियम, पात्रता और आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया.
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना: केंद्र सरकार द्वारा देश में मातृ स्वास्थ्य और पोषण को बढ़ावा देने के से 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' (PMMVY) का सफल संचालन किया जा रहा है. इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को ₹6,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान कामकाजी महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करना और जच्चा-बच्चा के लिए पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करना है. हालिया आंकड़ों के अनुसार, अब तक देश भर में 5 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं.
बच्चों के जन्म पर इस तरह मिलती है सहायता राशि
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों (PMMVY 2.0) के अनुसार, सहायता राशि को बच्चों की संख्या और लिंग के आधार पर विभाजित किया गया है: यह भी पढ़े: PM किसान योजना: जानिए कौन कर सकता है आवेदन, क्या है पात्रता के नियम और कब आएगी 23वीं किस्त
-
पहले बच्चे के जन्म पर: महिला को कुल ₹5,000 की राशि दो किश्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है. इसके साथ ही जननी सुरक्षा योजना (JSY) के लाभ को मिलाकर यह कुल सहायता औसतन ₹6,000 तक पहुंच जाती है.
-
दूसरी संतान बेटी होने पर: सरकार महिला सशक्तिकरण और लिंगानुपात में सुधार को बढ़ावा देने के लिए दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000 की विशेष वित्तीय सहायता देती है, जो एक ही किश्त में ट्रांसफर की जाती है.
किश्तों का भुगतान और आवश्यक शर्तें
पहले बच्चे के जन्म पर मिलने वाली ₹5,000 की राशि के लिए सरकार ने कुछ नियम तय किए हैं:
-
पहली किश्त (₹3,000): गर्भावस्था का जल्द पंजीकरण कराने और अंतिम मासिक धर्म की तारीख (LMP) से 6 महीने के भीतर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (ANC) कराने पर यह राशि मिलती है.
-
दूसरी किश्त (₹2,000): बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और नवजात को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत 14 हफ्तों तक के सभी आवश्यक टीके लगने के बाद यह राशि जारी की जाती है.
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए. यह योजना मुख्य रूप से सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं के लिए है.
ध्यान रहे कि जो महिलाएं केंद्र या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) में नियमित रोजगार में हैं, या जिन्हें किसी अन्य कानून के तहत समान मातृत्व लाभ मिल रहा है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया में निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
-
माता का आधार कार्ड
-
बैंक खाते या डाकघर खाते की जानकारी (जो आधार से लिंक हो)
-
एमसीपी (MCP) कार्ड यानी माता-बाल संरक्षण कार्ड
-
शिशु का जन्म प्रमाण पत्र (दूसरी किश्त और दूसरी बच्ची के आवेदन के लिए)
कैसे करें आवेदन?
पात्र महिलाएं बच्चे के जन्म के 270 दिनों के भीतर इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं. आवेदन के लिए अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वीकृत स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर जाकर मुफ्त में फॉर्म प्राप्त किया जा सकता है.
इसके अलावा, लाभार्थी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (pmmvy.wcd.gov.in) पर जाकर 'सिटीजन लॉगिन' के माध्यम से खुद भी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकती हैं. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पैसा सीधे बैंक खाते में जमा कर दिया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2026 12:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

