PM Awas Yojana 2026: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 करोड़ से अधिक पक्के घर पूरे, जानिए नए पात्रता नियम और PMAY-U 2.0 की ब्याज सब्सिडी
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 3 करोड़ से अधिक पक्के मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है. जानिए PMAY-G के नए पात्रता नियमों, 'आवास+ 2024' सर्वे और PMAY-U 2.0 की ब्याज सब्सिडी योजना की पूरी जानकारी.
PM Awas Yojana 2026: देश में सभी पात्र बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को अपना पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 'प्रधानमंत्री आवास योजना' (PMAY) में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 'प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' (PMAY-G) के तहत अब तक 3.05 करोड़ से अधिक ग्रामीण मकानों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है.
सरकार ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में योजना के अगले चरण के तहत वर्ष 2028-29 तक करोड़ों अतिरिक्त घर बनाने और होम लोन पर ब्याज सब्सिडी प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. यह भी पढ़े: PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कैसे करें आवेदन? जानें जरूरी दस्तावेज समेत पूरी जानकारी
PMAY-G 2026: आय सीमा बढ़ी, नए नियम और 'आवास+' सर्वे
ग्रामीण क्षेत्रों में वंचित परिवारों को शामिल करने के लिए सरकार ने PMAY-G के पात्रता मापदंडों में राहत दी है:
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आय सीमा में संशोधन: पात्र परिवारों की मासिक आय सीमा को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया है.
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घरेलू सामान की छूट: अब दोपहिया वाहन, रेफ्रिजरेटर या लैंडलाइन फोन रखने वाले परिवार भी योजना के तहत अयोग्य घोषित नहीं होंगे.
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आवास+ 2024 सर्वे: जो परिवार वर्ष 2011 की जनगणना सूची में शामिल होने से छूट गए थे, उनके लिए 'आवास+' ऐप और सर्वे के माध्यम से नया पंजीकरण किया जा रहा है.
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वित्तीय सहायता: मैदानी क्षेत्रों में लाभार्थी को ₹1.20 लाख और पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की राशि सीधे बैंक खाते में (DBT) 3 से 4 किस्तों में प्रदान की जाती है. इसके साथ स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के लिए ₹12,000 और मनरेगा के तहत मजदूरी की सहायता भी मिलती है.
PMAY-Urban 2.0: शहरी परिवारों को ₹1.80 लाख तक की ब्याज सब्सिडी
शहरी क्षेत्रों के लिए लागू 'प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0' (PMAY-U 2.0) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों के लिए 'इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम' (ISS) प्रभावी है:
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आय और संपत्ति सीमा: ₹9 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार, जो अपना पहला पक्का घर (कीमत ₹35 लाख तक) खरीद रहे हैं या बना रहे हैं, इस सब्सिडी के पात्र हैं.
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ब्याज सब्सिडी लाभ: पात्र होम लोन (₹25 लाख तक) पर पहले ₹8 लाख तक के कर्ज पर 4% की दर से अधिकतम ₹1.80 लाख की ब्याज सब्सिडी दी जाती है. यह सब्सिडी 5 वार्षिक किस्तों में लोन खाते में जमा की जाती है, जिससे बकाया मूलधन और ईएमआई (EMI) कम हो जाती है.
ऑनलाइन आवेदन और लाभार्थी स्थिति जांचने का तरीका
योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप की सुविधा उपलब्ध है:
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ग्रामीण क्षेत्र (PMAY-G): ग्रामीण आवेदक आधिकारिक पोर्टल
pmayg.gov.inपर जाकर 'Stakeholders' सेक्शन के तहत अपने पंजीकरण संख्या या आधार नंबर से अपनी स्वीकृति और किस्त की स्थिति जांच सकते हैं. -
शहरी क्षेत्र (PMAY-U 2.0): शहरी क्षेत्र के पात्र परिवार आधिकारिक पोर्टल
pmaymis.gov.inया नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं.
आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी निर्मित मकानों की जियो-टैगिंग की जाती है और सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है.