New Rules from October 1, 2026: एक अक्टूबर से बदलेंगे ये महत्वपूर्ण नियम, LPG सब्सिडी, FD दरों और बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा असर

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से रियायती दर (सब्सिडी) पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) अनिवार्य कर दिया गया है.

 New Rules from October 1, 2026:  नए महीने की शुरुआत के साथ ही 1 अक्टूबर 2026 से देश में आम जनता की जेब और दैनिक वित्तीय व्यवस्था से जुड़े कई प्रमुख नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं. तेल कंपनियों द्वारा एलपीजी सिलेंडरों की समीक्षा से लेकर बैंकिंग और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से जुड़े प्रावधान इसमें शामिल हैं. इन नियमों की विस्तृत जानकारी नीचे दी जा रही है ताकि आम नागरिक असुविधा से बच सकें.

LPG सिलेंडर सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार अनिवार्य

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से रियायती दर (सब्सिडी) पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) अनिवार्य कर दिया गया है.

एलपीजी और ईंधन की कीमतों की समीक्षा

प्रतिमाह की पहली तारीख की तरह ही 1 अक्टूबर को भी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) एलपीजी सिलेंडरों (घरेलू और कमर्शियल) की कीमतों की समीक्षा करेंगी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की दरों के आधार पर कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों के दामों में संशोधन की घोषणा 1 अक्टूबर की सुबह की जाएगी.

बैंकों में बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नए नियम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत 1 अक्टूबर से बैंकों को अपने बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (₹3 करोड़ और उससे अधिक) की ब्याज दरों का पारदर्शी रूप से खुलासा करना होगा.

सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरें प्रदर्शित करनी होंगी. इससे बड़े निवेशकों को समान दरों की जानकारी मिलेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी.

UPI मर्चेंट भुगतानों के लिए आगामी दिशानिर्देश

डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के नए ढांचे के तहत व्यापारियों (P2M) के लिए नई नीतियां लागू हो रही हैं.

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