Mumbai Metro Update: अंधेरी से मीरा-भायंदर का सफर जल्द होगा आसान, मेट्रो-9 का काशीगांव से मीरा-भायंदर चरण जल्द शुरू होने की उम्मीद

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने मेट्रो 9 मार्गिका के दूसरे चरण (काशीगांव से मिरा-भाईंदर) को शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सिग्नलिंग एकीकरण और सॉफ्टवेयर टेस्टिंग के लिए 15 से 25 सितंबर तक मेट्रो 2A, 7 और 9 (फेज 1) पर विशेष ब्लॉक लिया जा रहा है. इस दौरान मेट्रो सेवाएं सुबह 6:30 बजे शुरू होंगी.

(Photo Credits WC)

Mumbai Metro 9 Update: मुंबई और पश्चिमी उपनगरों में रहने वाले यात्रियों के लिए अंधेरी से सीधे मिरा-भाईंदर तक मेट्रो से यात्रा करने का सपना बहुत जल्द पूरा होने जा रहा है. मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) और महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMMOCL) ने मेट्रो 9 मार्गिका के टप्पा 2 (काशीगांव से मिरा-भाईंदर) को सेवेत दाखल करने के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी है.

इस नए टपे को मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने के लिए मेट्रो 7 (दहिसर से गुंदवली), मेट्रो 2अ (दहिसर से अंधेरी पश्चिम) और मेट्रो 9 टप्पा 1 का एकात्मिकीकरण (इंटीग्रेशन) किया जा रहा है. इस कार्य के चलते 15 से 25 सितंबर 2026 तक विशेष ब्लॉक लिया गया है.   यह भी पढ़े:   Mumbai Metro Line 3: MMRC का भक्तों को तोहफा, गणेशोत्सव के दौरान आधी रात तक चलेगी मेट्रो, जानें आखिरी ट्रेन का समय

15 से 25 सितंबर तक सुबह 6:30 बजे शुरू होगी मेट्रो सेवा

सिग्नलिंग और सॉफ्टवेयर एकीकरण के काम को सुरक्षित और सुचारू रूप से पूरा करने के लिए 10 दिनों का विशेष मॉर्निंग ब्लॉक घोषित किया गया है.

चारकोप डिपो से सिग्नलिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग

मेट्रो 9 टप्पा 2 के संचालन और स्पीड ट्रायल के लिए आवश्यक सिग्नलिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध हो चुका है. इस चरण में चारकोप डिपो स्थित ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (OCC) के माध्यम से नियंत्रित सिग्नलिंग सॉफ्टवेयर का माइग्रेशन, टेस्टिंग और वैलिडेशन किया जाएगा.

चूंकि चालू लाइनों पर पूरे दिन नियमित यात्री मेट्रो चलती रहती है, इसलिए ऐसी जटिल तकनीकी जांच केवल गैर-परिचालन (Non-Revenue) समय में ही संभव है.

टप्पा 1 अप्रैल में हुआ था चालू, अब टप्पा 2 की तैयारी

एमएमआरडीए द्वारा मेट्रो 9 मार्गिका का काम दो चरणों में विभाजित किया गया है:

सिग्नलिंग एकीकरण और स्पीड ट्रायल पूरा होने के बाद, संरक्षा प्रमाण पत्र (Safety Certification) प्राप्त किया जाएगा. एमएमआरडीए की योजना चालू वर्ष (2026) के अंत तक इस दूसरे टपे को भी यात्रियों की सेवा में समर्पित करने की है.

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