LPG Booking New Rules: 1 अक्टूबर से बदलेंगे LPG बुकिंग के नियम, रिफिल सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य

जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना वेरिफिकेशन नहीं कराया है, वे 1 अक्टूबर से पूर्व अपनी नजदीकी एजेंसी या मोबाइल ऐप से इसे पूरा कर सकते हैं. किसी भी सहायता या शिकायत के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 2333 555 पर संपर्क किया जा सकता है.

LPG Booking New Rules: केंद्र सरकार और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की बुकिंग और सब्सिडी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. 1 अक्टूबर 2026 से रियायती दरों (RSP) पर सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (Biometric Aadhaar Authentication - BAA) पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है. इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही सब्सिडी पहुंचाना तथा कमर्शियल इस्तेमाल के लिए घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकना है.

89.9 फीसदी उपभोक्ता पहले ही कर चुके हैं ऑथेंटिकेशन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर 2026 तक देश के कुल सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं में से लगभग 89.9 प्रतिशत (27.43 करोड़ उपभोक्ता) बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं. जिन उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें किसी नए कदम की आवश्यकता नहीं होगी और उनकी सिलेंडर बुकिंग और सब्सिडी प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी.  यह भी पढ़े:   LPG Booking Rules: क्या बदल गए रसोई गैस बुकिंग के नियम? सरकार ने रिपोर्टों को बताया 'भ्रामक', रिफिल मानदंडों पर दी बड़ी सफाई

प्रमाणीकरण न कराने पर क्या होगा?

यदि कोई उपभोक्ता बायोमेट्रिक सत्यापन कराने में असमर्थ रहता है या इसे पूरा नहीं करना चाहता, तो उसे तेल कंपनियों (OMC) के डिजिटल पोर्टल, मोबाइल ऐप या आईवीआरएस (IVRS) के माध्यम से अपना विकल्प दर्ज करना होगा. ऐसे उपभोक्ताओं को 1 अक्टूबर के बाद बाजार दर पर बिना किसी सब्सिडी के गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर (उपलब्धता के अनुसार 5 किग्रा या 10 किग्रा) दिए जाएंगे. वहीं, प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी करते ही उपभोक्ता पुनः सब्सिडी वाले 14.2 किग्रा सिलेंडर के लिए पात्र हो जाएंगे.

ऑथेंटिकेशन पूरा करने के तीन आसान तरीके

मंत्रालय ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने के तीन मुख्य माध्यम दिए हैं:

सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, बाजार मूल्य और रियायती दरों के अंतर के कारण तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर सब्सिडी का भारी वित्तीय बोझ पड़ता है. सितंबर 2026 में 14.2 किग्रा के प्रति सिलेंडर पर लगभग 210 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है. फर्जी कनेक्शनों को हटाने, डुप्लीकेसी समाप्त करने और केवल जरूरतमंद परिवारों तक पारदर्शी तरीके से सरकारी सहायता पहुंचाने के लिए आधार से जुड़ा बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है.

जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना वेरिफिकेशन नहीं कराया है, वे 1 अक्टूबर से पूर्व अपनी नजदीकी एजेंसी या मोबाइल ऐप से इसे पूरा कर सकते हैं. किसी भी सहायता या शिकायत के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 2333 555 पर संपर्क किया जा सकता है.

Share Now