Ladki Bahin Yojana Update: लाड़की बहनों को e-KYC का आखिरी मौका, 30 अप्रैल तक प्रक्रिया पूरी न होने पर रुक सकती है किस्त

महाराष्ट्र सरकार ने 'माझी लाड़की बहिन योजना' के लिए ई-केवाईसी की समय सीमा 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी है. पात्र महिलाएं अपनी किस्तें सुरक्षित रखने के लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी कर लें.

(Photo Credits File)

Ladki Bahin Yojana Update:  महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'माझी लाड़की बहिन योजना' (Majhi Ladki Bahin Yojana) के लाभार्थियों को एक और बड़ी राहत दी है. योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तिथि, जो पहले 31 मार्च 2026 निर्धारित थी, उसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है. इस फैसले से उन लाखों महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जो तकनीकी दिक्कतों या अन्य कारणों से अब तक अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई थीं.

लाभार्थियों को मिला एक और मौका

राज्य सरकार के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कई जिलों से रिपोर्ट मिली थी कि सर्वर डाउन होने और आधार लिंक न होने के कारण बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं समय पर ई-केवाईसी नहीं करा सकी थीं. महिलाओं की सुविधाओं और योजना की पहुंच को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समय सीमा को एक महीने के लिए बढ़ाने का निर्देश दिया है. यह उन बहनों के लिए सरकार की तरफ से एक विशेष अवसर है ताकि उनकी भविष्य की किस्तें न रुकें. यह भी पढ़े:  Maharashtra Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहिन योजना में ई-केवाईसी न कराने पर 68 लाख खाते बंद, डेडलाइन 30 अप्रैल तक बढ़ी

e-KYC क्यों है अनिवार्य?

योजना के नियमों के मुताबिक, लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे पैसा (DBT) ट्रांसफर करने के लिए आधार सीडिंग और ई-केवाईसी अनिवार्य है. यदि 30 अप्रैल तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो लाभार्थी को मिलने वाली 1500 रुपये की मासिक सहायता राशि रोकी जा सकती है. सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसा केवल पात्र और सक्रिय लाभार्थियों तक ही पहुंचे और किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को रोका जा सके.

कैसे पूरी करें प्रक्रिया?

लाभार्थी महिलाएं अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को दो आसान तरीकों से पूरा कर सकती हैं:

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर

डेडलाइन बढ़ने के साथ ही सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जाएं. आंगनवाड़ी सेविकाओं और ग्राम पंचायत स्तर पर कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे घर-घर जाकर या सार्वजनिक केंद्रों पर महिलाओं की सहायता करें. प्रशासन ने अपील की है कि लाभार्थी अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें.

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