IRCTC: अगर नहीं मिला कंफर्म टिकट, तो Vikalp Scheme की ले सकते है मदद- जानें नियम और शर्तें
भारतीय रेलवें (Indian Railways) दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है. जो कि प्रतिदिन हजारों ट्रेनों के जरिए करोड़ों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पंहुचता है. अक्सर व्यस्त रूटों की ट्रेनों में टिकट की मांग अधिक होने के कारण कन्फर्म सीट मिलने में कठिनाई होती है.
नई दिल्ली: भारतीय रेलवें (Indian Railways) दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है. जो कि प्रतिदिन हजारों ट्रेनों के जरिए करोड़ों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पंहुचाता है. अक्सर व्यस्त रूटों की ट्रेनों में टिकट की मांग अधिक होने के कारण कन्फर्म सीट मिलने में कठिनाई होती है. ऐसे में यात्री वेटिंग लिस्ट टिकट का सहारा लेते है और अपनी यात्रा पूरी करते है. इसके मद्देनजर रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिए विकल्प स्कीम (Vikalp Scheme) शुरू की. जिसकी मदद से यात्री को वैकल्पिक ट्रेन में कंफर्म सीट मुहैया कराई जाती है. हालांकि यह केवल आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट www.irctc.co.in से बुक किए गए ई-टिकटों (E-Ticket) पर मान्य है.
रेलवे ने प्रतीक्षारत यात्रियों (वेटिंग लिस्ट) के लिए कंफर्म सीट उपलब्ध कराने के नजरिये से और उसके बेहतर उपयोग के लिए वैकल्पिक रेलगाड़ी समायोजन योजना (एटीएएस) बनाई गई है. यह योजना सभी श्रेणी की मेल/एक्सप्रेस रेलगाडि़यों के लिए लागू की गई है. इस योजना के तहत केवल वेटिंग लिस्ट यात्रियों को अन्य ट्रेनों का विकल्प दिया जाएगा. हालांकि विकल्प का चयन करने का मतलब यह नहीं है कि यात्री को वैकल्पिक ट्रेन में कंफर्म सीट उपलब्ध हो जाएगी. यह ट्रेन और सीट की उपलब्धता पर निर्भर करता है.
नियम और शर्तें:
- यह योजना बुकिंग कोटा और रियायत पर ध्यान दिए बिना विकल्प योजना का चयन करने वाले सभी वेटिंग लिस्ट यात्रियों के लिए लागू है.
- कोई भी अतिरिक्त शुल्क यात्री से नहीं लिया जाएगा और न ही किराए में अंतर को वापस किया जाएगा.
- एक पीएनआर के सभी यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन में समान श्रेणी में सीट उपलब्ध करायी जाएगी या फिर किसी को भी नहीं. इसकी जानकारी यात्रियों को एसएमएस के जरिए दी जाएगी.
- विकल्प का चयन करने वाले यात्री जिन्हें वैकल्पिक ट्रेन में सीट दी गई है उन्हें उनके वास्तविक ट्रेन के चार्ट की वेटिंग लिस्ट सूची में नहीं दर्शाया जाएगा. कंफर्म और वेटिंग लिस्ट चार्ट के साथ ही एक अलग सूची चिपकाई जाएगी जिस पर वैकल्पिक ट्रेन में हस्तांतरित होने वाले यात्रियों का नाम होगा.
- जिस यात्री को वैकल्पिक ट्रेन में सुविधा दी गई है वह वास्तविक ट्रेन की मूल टिकट के अधिकार पर यात्रा कर सकता है. वास्तविक ट्रेन के वेटिंग लिस्ट को जिसे वैकल्पिक ट्रेन सुविधा आंवटित कर दी गई है वास्तविक ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं होगी.
- वह यात्री जिसे वैकल्पिक ट्रेन में वैकल्पिक सुविधा दी गई है उसे वैकल्पिक ट्रेन में सामान्य यात्री की तरह माना जाएगा और अपग्रेड करने के लिए योग्य होगा.
- कुछ मामलों में यात्री को वैकल्पिक सुविधा दी गई है औैर चार्ट बनने के समय आखिरी समय में किसी कारण से वैकल्पिक ट्रेन में आवंटन रद्द हो सकता है. इसलिए जिस यात्री को वैकल्पिक सुविधा दी गई है उसे वैकल्पिक ट्रेन का चार्ट बनने पर अंतिम स्थिति जांचने के लिए पीएनआर स्थिति की जांच करनी चाहिए.
- यह जानकारी कॉल सेंटर 139 पर, पीआरएस पूछताछ काउंटर, स्टेशेनों पर लगे यात्री से चलेने वाले पूछताछ टर्मिनल और वेब पूछताछ www.indianrail.gov.in पर उपलब्ध होगी.
- जब एक विकल्प चयनित यात्री वैकल्पिक सुविधा मिलने के बाद रद्दीकरण करता है तो उसे कंफर्म यात्री की तरह माना जाएगा और उसी अनुसार रद्दीकरण नियम लागू होंगे.
- एक बार विकल्प चयनित यात्री को वैकल्पिक सुविधा मिलने के बाद यात्रा में किसी बदलाव की अनुमति नहीं होगी. यदि जरूरत है तो यात्री को टिकट रद्द करनी पड़ेगी और बदली गई यात्रा के लिए नई टिकट बुक करनी होगी.
- विकल्प योजना के तहत चयन की जाने वाली ट्रेन सूची को केवल एक बार अपडेट किया जा सकता है.
- यात्री जो वैकल्पिक सुविधा आवंटित होने पर यात्रा नहीं करता है तो वह टीडीआर दर्ज करके पैसे वापसी के लिए दावा कर सकता है.
उल्लेखनीय है कि भारतीय रेल अपनी महत्वपूर्ण इकाई आईआरसीटीसी के माध्यम से यात्रियों को ऑनलाइन टिकटिंग, रिटायरिंग रूम, टूर पैकेज,सलून चार्टर, महाराजा एक्सप्रेस, तेजस, तीर्थयात्री स्पेशल ट्रेन, कैटरिंग सर्विस, रेल नीर आदि महत्वूर्ण सेवाएं प्रदान कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 07, 2019 10:46 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

