EPFO Interest Rate 2025-26 Approved: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 8.25% ईपीएफ ब्याज दर को दी मंजूरी, इसी महीने खातों में क्रेडिट हो सकता है पैसा
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को मंजूरी दे दी है. वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद ईपीएफओ इसी महीने सात करोड़ से अधिक खाताधारकों के खातों में ब्याज की राशि ट्रांसफर कर सकता है.
EPFO Interest Rate 2025-26 Approved: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सात करोड़ से अधिक अंशधारकों के लिए एक राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ (EPF) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को आधिकारिक तौर पर मंजूरी (Ratify) दे दी है. वित्त मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद, उम्मीद जताई जा रही है कि ईपीएफओ इसी महीने के अंत तक अंशधारकों के खातों में ब्याज की राशि जमा करना शुरू कर देगा.
वित्त मंत्रालय ने प्रस्ताव को दी हरी झंडी
नियमों के मुताबिक, ईपीएफओ केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा तय की गई ब्याज दर को वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही लागू करता है. सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने सीबीटी द्वारा अनुशंसित 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर पर अपनी सहमति दे दी है. यह भी पढ़े: EPFO Updates: पीएफ निकालने या ट्रांसफर करने से पहले जरूर जांच लें ईपीएफओ अकाउंट की ये 8 जरूरी चीजें, नहीं तो अटक जाएगा पैसा
इससे पहले 2 मार्च 2026 को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई सीबीटी की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का निर्णय लिया गया था. भारत सरकार ईपीएफ जमा की गारंटर के रूप में कार्य करती है, इसलिए इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय भेजा गया था.
इसी महीने खाते में आएगा ब्याज
श्रम मंत्रालय के निर्देशों के तहत ईपीएफओ चालू माह के भीतर ही अंशधारकों के खातों में वित्तीय वर्ष 2025-26 का ब्याज क्रेडिट करने की तैयारी कर रहा है.
सूत्रों ने यह भी बताया कि ईपीएफओ द्वारा विकसित किए गए नए तकनीकी इकोसिस्टम के तहत, अब ईपीएफ जमा पर ब्याज की राशि अंशधारकों के खातों में तुरंत ट्रांसफर की जाएगी. यदि यह व्यवस्था योजना के अनुसार काम करती है, तो सदस्यों का प्रतीक्षा समय काफी कम हो जाएगा और वार्षिक ब्याज क्रेडिट की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो जाएगी.
लगातार तीसरे वर्ष ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं
यह लगातार तीसरा वित्तीय वर्ष है जब ईपीएफओ ने अपनी ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है. इससे पहले संगठन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी यही ब्याज दर प्रदान की थी. वहीं, वित्तीय वर्ष 2022-23 में ब्याज दर 8.15 प्रतिशत थी, जिसे वित्तीय वर्ष 2023-24 में मामूली रूप से बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया गया था. बदलते आर्थिक परिवेश और बाजार की उतार-चढ़ाव भरी स्थितियों के बीच ब्याज दर को स्थिर रखना ईपीएफओ के मजबूत रिटर्न को दर्शाता है.
ईपीएफ ब्याज दरों का ऐतिहासिक रुझान
पिछले एक दशक में ईपीएफ की ब्याज दरों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. मार्च 2022 में ईपीएफओ ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए ब्याज दर को घटाकर 8.10 प्रतिशत कर दिया था, जो चार दशकों में सबसे निचला स्तर था. इससे पहले 1977-78 में ब्याज दर 8 प्रतिशत निर्धारित की गई थी.
अगर पिछले वर्षों पर नजर डालें, तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में ब्याज दर 8.5 प्रतिशत थी. मार्च 2020 में ईपीएफओ ने वर्ष 2019-20 के लिए ब्याज दर को 8.65 प्रतिशत से घटाकर 8.5 प्रतिशत किया था. इसके अतिरिक्त, वर्ष 2018-19 में 8.65 प्रतिशत, 2017-18 में 8.55 प्रतिशत, 2016-17 में 8.65 प्रतिशत और 2015-16 में 8.8 प्रतिशत ब्याज दिया गया था. सरकार की इस ताजा मंजूरी के बाद अब करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों को आने वाले हफ्तों में अपने पीएफ खाते में सीधे डिजिटल माध्यम से ब्याज का लाभ मिल सकेगा.