EPFO 3.0: अब एटीएम और UPI से निकलेगा PF का पैसा, 1 अप्रैल 2026 से बदल जाएंगे नियम

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने तकनीकी ढांचे में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. 'EPFO 3.0' के तहत अब पीएफ खाताधारकों को यूपीआई (UPI) और एटीएम (ATM) के जरिए पैसे निकालने की सुविधा मिलेगी. 1 अप्रैल 2026 तक शुरू होने वाली इस सेवा का उद्देश्य निकासी प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है.

EPFO 3.0:  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी कर रहा है. नए 'EPFO 3.0' वर्जन के लॉन्च के साथ ही अब पीएफ निकासी की प्रक्रिया किसी सामान्य बैंक खाते की तरह आसान हो जाएगी. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार, नई प्रणाली के तहत सदस्य सीधे यूपीआई (UPI) और एटीएम (ATM) के माध्यम से अपने पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे.

यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 तक पूरी तरह से लागू होने की उम्मीद है. इस तकनीक आधारित सुधार का मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को खत्म करना और आपात स्थिति में कर्मचारियों को तुरंत उनके जमा पैसे तक पहुंच प्रदान करना है.  यह भी पढ़े:  EPFO का बड़ा तोहफा: अप्रैल 2026 से UPI के जरिए निकाल सकेंगे PF का पैसा, लॉन्च होगा नया मोबाइल ऐप

बैंक खाते की तरह काम करेगा PF अकाउंट

EPFO 3.0 को एक 'कोर बैंकिंग सॉल्यूशन' (Core Banking Solution) की तरह डिजाइन किया गया है. इसके लागू होने के बाद, सदस्यों को पीएफ निकालने के लिए हफ्तों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

निकासी के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव

नई व्यवस्था के साथ ही निकासी के कुछ नियमों को भी सरल बनाया गया है. अब पीएफ निकासी की 13 श्रेणियों को घटाकर केवल तीन कर दिया गया है: अनिवार्य आवश्यकताएं (जैसे बीमारी), आवास (Housing) और विशेष परिस्थितियां.

ऑटो-सेटलमेंट-डिजिटल सुधार

EPFO 2.0 से 3.0 का सफर तकनीक को और अधिक मजबूत बनाने के लिए है. वर्तमान में लगभग 95% क्लेम का निपटारा स्वचालित (Auto-processing) तरीके से किया जा रहा है. नई प्रणाली में आधार-लिंक्ड वेरिफिकेशन और ई-केवाईसी (e-KYC) के जरिए क्लेम सेटलमेंट का समय चंद घंटों या मिनटों में सिमट जाएगा. इसके अलावा, अब सदस्यों को प्रोफाइल सुधार (जैसे नाम या जन्मतिथि अपडेट) के लिए नियोक्ता (Employer) की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी.

कब तक शुरू होगी सेवा?

मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इन्फोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी बड़ी आईटी कंपनियां इस उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म को तैयार करने में मदद कर रही हैं. यूपीआई आधारित निकासी और नए पोर्टल के अप्रैल 2026 तक लाइव होने की संभावना है. यह कदम न केवल संगठित क्षेत्र के 8 करोड़ सदस्यों बल्कि भविष्य में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भी वरदान साबित होगा.

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