8th Pay Commission: पंजाब में दिवाली से पहले मान सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, DA बढ़ाकर 50 फीसदी किया

पंजाब सरकार ने राज्य के लगभग आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में 8% की बढ़ोतरी की है, जिससे डीए बढ़कर 50% हो गया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्मचारी संगठनों से नियमित संवाद के लिए हर महीने बैठक करने की भी घोषणा की है.

8th Pay Commission:  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के लगभग आठ लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आगामी त्योहारों से पहले बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद राज्य में डीए की दर बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई है. यह लाभ 1 अक्टूबर से सितंबर माह के वेतन के साथ लागू होगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की.

दो किस्तों में जारी होगा 8% डीए

सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, 8 प्रतिशत की यह बढ़ोतरी 4-4 प्रतिशत की दो अलग-अलग किस्तों में जारी की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं और यह निर्णय कर्मचारियों के कल्याण तथा उनके सम्मान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. इस फैसले से त्योहारों के सीजन में हजारों कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय राहत मिलेगी.   यह भी पढ़े:   8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारी क्यों मांग रहे हैं 5 MACP अपग्रेडेशन? जानें वजह और प्रस्ताव

लंबित मांगों पर विचार और समीक्षा

डीओ बढ़ोतरी के अलावा, मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार कर्मचारियों की कई अन्य पुरानी और लंबित मांगों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है. इनमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, विभिन्न भत्तों को फिर से शुरू करना, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) को लागू करना, 2.59 पेंशन गुणांक की मांग और प्रोबेशन अवधि के दौरान मिलने वाले वेतन से जुड़े मुद्दे शामिल हैं. इन विषयों पर चर्चा के लिए अक्टूबर के पहले सप्ताह में कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ फिर से बैठक बुलाई जाएगी.

हर महीने अनिवार्य बैठकों का ऐलान

कर्मचारियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए मुख्यमंत्री मान ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है. अब से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हर महीने अनिवार्य रूप से बैठकें आयोजित की जाएंगी. मुख्यमंत्री के अनुसार, इस नियमित संवाद से कर्मचारियों को अपनी चिंताएं सीधे सरकार के समक्ष रखने का मंच मिलेगा, जिससे कई मुद्दे समय रहते सुलझाए जा सकेंगे.

महिला कर्मचारियों के लिए विशेष राहत

बैठक के दौरान एक और मानवीय निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य की महिला सरकारी कर्मचारियों को उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे के भीतर ही पोस्टिंग दी जाएगी. इस कदम का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और पेशेवर कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करना है.

मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि पंजाब सरकार ने अब तक योग्यता के आधार पर पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया से लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को वित्तीय संसाधनों का उपयोग जिम्मेदारी से करते हुए कर्मचारी कल्याण और राज्य की समग्र वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाए रखना होगा.

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