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8th Pay Commission News: DoPT ने 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स की मांग आगे भेजी, जानें पूरा मामला

पर्सनल एंड ट्रेनिंग विभाग (DoPT) ने 8वें वेतन आयोग के संदर्भ शर्तों (ToR) में संशोधन की मांग करने वाले आवेदनों को व्यय विभाग को भेजा है. इसमें 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों की पेंशन समीक्षा को शामिल करने की मांग की गई है.

8th Pay Commission News: DoPT ने 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स की मांग आगे भेजी, जानें पूरा मामला
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pexels)

8th Pay Commission News: कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त (रिटायर) हुए केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन समीक्षा को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल करने की मांग वाले ज्ञापनों को व्यय विभाग (Department of Expenditure) के पास भेज दिया है. DoPT ने इसे "उचित कार्रवाई" के लिए भेजा है.

कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही थी कि 8वें वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों (Terms of Reference - ToR) में संशोधन किया जाए, ताकि पुराने पेंशनभोगियों को भी आयोग की सिफारिशों का सीधा लाभ मिल सके.  यह भी पढ़े:  8th Pay Commission Pension Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर फैली अफवाहों पर शिव गोपाल मिश्रा ने दी सफाई, पेंशन बंद होने की खबरों को बताया पूरी तरह बेबुनियाद (Video)

DoPT के कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) में क्या कहा गया है?

DoPT द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, दो प्रमुख पेंशनभोगी संगठनों से प्राप्त आवेदनों को आगे की कार्रवाई के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को भेजा गया है.

ये ज्ञापन ऑल इंडिया आरएमएस, एमएमएस एंड पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन (All India RMS, MMS & Postal Pensioners Association) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) द्वारा सौंपे गए थे.

इन आवेदनों में मुख्य रूप से 8वें वेतन आयोग के ToR में बदलाव कर 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनभोगियों की पेंशन संशोधन प्रक्रिया को आयोग के स्पष्ट जनादेश में शामिल करने का अनुरोध किया गया है.

क्या सरकार ने पेंशन संशोधन को मंजूरी दे दी है?

नहीं, DoPT द्वारा इन ज्ञापनों को आगे भेजने का मतलब यह नहीं है कि सरकार ने पेंशन संशोधन की मांग स्वीकार कर ली है या ToR में संशोधन कर दिया है.

यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसके तहत आवेदनों को संबंधित विभाग (व्यय विभाग) के पास विचार-विमर्श के लिए भेजा गया है. ज्ञापन में किसी भी प्रकार के फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor), संशोधित पेंशन फॉर्मूले या अतिरिक्त वित्तीय लाभ की घोषणा नहीं की गई है.

8वें वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों में किसी भी प्रकार का बदलाव करने के लिए केंद्र सरकार को अलग से निर्णय लेना होगा.

पेंशनभोगियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

पेंशनभोगी संगठनों की मुख्य चिंता यह है कि 8वें वेतन आयोग के लिए अधिसूचित संदर्भ शर्तों में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित नहीं है कि 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की पेंशन में भी सुधार किया जाएगा.

यदि ToR में इसे स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया जाता है, तो पूर्व पेंशनभोगियों को नए वेतन आयोग के लाभों के लिए आयोग की व्याख्या पर निर्भर रहना पड़ेगा. इसलिए संगठन चाहते हैं कि सरकार आधिकारिक तौर पर ToR में संशोधन करे.

1985 का ऐतिहासिक उदाहरण

ज्ञापन में चौथे केंद्रीय वेतन आयोग (4th CPC) के दौरान हुए एक संशोधन का संदर्भ भी दिया गया है.

वित्त मंत्रालय ने 8 नवंबर 1985 के एक संकल्प के माध्यम से चौथे वेतन आयोग के ToR में संशोधन किया था, ताकि आयोग पुराने और भावी दोनों प्रकार के पेंशनभोगियों के लिए एक उचित पेंशन संरचना का परीक्षण कर सके. इस ऐतिहासिक उदाहरण का हवाला देते हुए पेंशनभोगी संगठन 8वें वेतन आयोग में भी इसी तरह के संशोधन की मांग कर रहे हैं.

आगे क्या होगा?

यह मामला अब DoPT से निकलकर वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के पास पहुंच गया है. अब यह व्यय विभाग पर निर्भर करता है कि वह 8वें वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों में संशोधन की सिफारिश करता है या नहीं.

जब तक सरकार इस विषय पर कोई औपचारिक अधिसूचना या आदेश जारी नहीं करती, तब तक 8वां वेतन आयोग अपनी नवंबर 2025 में अधिसूचित मौजूदा संदर्भ शर्तों के आधार पर ही काम जारी रखेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 01, 2026 12:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).