7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, पेंशन के बदल गए हैं कई नियम- यहां जानिए
7th Pay Commission: सातवें वेतन आयोग के तहत सैलरी पाने वाले सरकारी कर्मचारियों को कुछ हफ्तों में बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है. हालांकि कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद से ही केंद्र व राज्य सरकारों के कर्मचारियों के अच्छे दिन शुरू हो गए थे. केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों (Central Government Employees) को राहत पहुंचाने के लिए कई बड़े फैसले लिए है. जबकि पेंशनभोगियों का जीवन टेंशन फ्री बनाने के मकसद से पेंशन (Pension) नियमों को भी सरल बनाया.
7th Pay Commission Latest News: सातवें वेतन आयोग के तहत सैलरी पाने वाले सरकारी कर्मचारियों को कुछ हफ्तों में बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है. हालांकि कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद से ही केंद्र व राज्य सरकारों के कर्मचारियों के अच्छे दिन शुरू हो गए थे. केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों (Central Government Employees) को राहत पहुंचाने के लिए कई बड़े फैसले लिए है. जबकि पेंशनभोगियों का जीवन टेंशन फ्री बनाने के मकसद से पेंशन (Pension) नियमों को भी सरल बनाया. 7th CPC: सरकारी कर्मचारियों के इस पेंशन नियम में हुआ बड़ा बदलाव, अब इन हालातों में भी मिलेगा फायदा
सातवीं सीपीसी के अनुरूप वेतनमान पाने वाले सरकारी कर्मचारियों को पेंशन से जुड़े नियमों को जानना बेहद जरुरी है. कुछ महीने पहले ही केंद्र सरकार ने फैमिली पेंशन के नियमों (Family Pension Rules) में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए है. जिसका सीधे तौर पर फायदा केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को उनकी मृत्यु के बाद मिलता है. 7वें वेतन आयोग के तहत नए नियमों के अनुसार, पारिवारिक पेंशन भुगतान की सीमा अब 45 हजार रुपये नहीं बल्कि 1.25 लाख रुपये प्रति माह हो गई है. इसके साथ ही नए नियम में केंद्रीय कर्मचारियों के आश्रितों के लिए पेंशन का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य 7 साल की सेवा की शर्त को भी हटा दिया.
पेंशन नियम संबंधित कुछ जरूरी सवालों के जवाब-
माता-पिता में से किसे फैमिली पेंशन मिल सकती है?
फैमिली पेंशन, जहां कहीं भी माता-पिता को स्वीकार्य होगी, पहले मृतक सरकारी कर्मचारी की माता को देय होगी और ऐसा न होने पर फिर मृतक सरकारी कर्मचारी के पिता को देय होगी.
कोई विकलांग भाई-बहन फैमिली पेंशन के लिए कब पात्र हो जाता है?
यदि विकलांग भाई-बहन सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय मृतक सरकारी कर्मचारी / पेंशनभोगी पर पूरी तरह आश्रित था तो उसे फैमिली पेंशन दिया जाएगा. आश्रित विकलांग भाई-बहन को फैमिली पेंशन तब दिया जाएगा जब मृतक सरकारी कर्मचारी / पेंशनभोगी के परिवार के अन्य सभी पात्र सदस्य (अर्थात विधवा / विधुर, बच्चे और माता-पिता) की या तो मृत्यु हो गई हो या फैमिली पेंशन के लिए अपात्र हो गए हों.
क्या परिवार का कोई सदस्य दिवंगत पेंशनभोगी की जगह सैन्य सेवा के साथ-साथ सिविल सेवा के लिए दो फैमिली पेंशन प्राप्त कर सकता है?
जी हां, परिवार का कोई सदस्य दिवंगत पेंशनभोगी की बाबत सैन्य सेवा के साथ-साथ सिविल सेवा के लिए दो फैमिली पेंशन प्राप्त कर सकता है.
क्या परिवार का कोई सदस्य दिवंगत पेंशनभोगी की बाबत सिविल सेवा के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम की सेवा के लिए दो फैमिली पेंशन प्राप्त कर सकता है?
यदि किसी व्यक्ति को किसी सरकारी कर्मचारी की बाबत केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों के अधीन फैमिली पेंशन मिल रही हो, तो ऐसे व्यक्ति द्वारा उसी सरकारी कर्मचारी की बाबत, किन्तु अलग अवधि के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम आदि से फैमिली पेंशन प्राप्त करने के संबंध में केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमावली में कोई प्रतिबंध नहीं है.
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) के अनुसार, अपने माता या पिता की मृत्यु हो जाने पर कोई बच्चा फैमिली पेंशन की दो किस्तें निकालने का हकदार होता है. नए नियम के तहत अब ऐसी दो किस्तों की कुल राशि 1.25 लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती. हालांकि यह सीमा पुराने नियम से ढाई गुना अधिक है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 14, 2022 04:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

