7th Pay Commission: समुद्री कमांडों, सीआरपीएफ, कोस्ट गार्ड और पुलिस को मिलते है ये खास भत्ते
कोरोना वायरस महामारी का कहर कम होने के बाद देशभर में कार्यरत लाखों सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार से काफी उम्मीदें है. सरकारी कर्मचारियों को अपने बेसिक सैलरी के साथ ही मंहगाई भत्ते में इजाफे की पूरी उम्मीद है.
7th CPC News: कोरोना वायरस महामारी का कहर कम होने के बाद देशभर में कार्यरत लाखों सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार से काफी उम्मीदें है. सरकारी कर्मचारियों को अपने बेसिक सैलरी के साथ ही मंहगाई भत्ते में इजाफे की पूरी उम्मीद है. इस बीच हम आपकों कुछ ऐसे भत्तों से अवगत करवना चाहते है, जिसका भुगतान सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) की सिफारिशों के तहत केंद्र सरकार वर्दीधारी सेवाओं के लिए करती है. 7th Pay Commission: इन सरकारी कर्मचारियों को मिली बड़ी सौगात, सैलरी में हुआ बंपर इजाफा
मोदी सरकार ने केंद्र की सत्ता में वापसी के बाद सातवें वेतन आयोग (7th CPC) की सिफारिशों को लागू करने का बड़ा फैसला लिया था. केंद्रीय कर्मचारियों को इसका फायदा 1 जनवरी 2016 से मिल रहा है. हालांकि 7वें सीपीसी के तहत भत्तों पर समिति (सीओए) की रिपोर्ट और ई-सीओएस की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने जून 2017 में 34 भत्तों में संशोधनों को मंजूरी दी थी. जिसमें वर्दीधारी सेवाएं भी शामिल थी. भत्तों में किया गया यह संशोधन 1 जुलाई, 2017 से प्रभावी हुआ.
सीआरपीएफ, पुलिस, भारतीय तटरक्षक और सुरक्षा एजेंसियों को मिलने वाले भत्ते-
- वैमानिकी भत्ते को 300 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 450 रुपये प्रति माह कर दिया गया है और इसे भारतीय तटरक्षक कर्मियों को भी दिया जाएगा.
- उग्रवाद से निपटने संबंधी कार्यों (सीआई परिचालन) से जुड़े भत्ते को 3000-11700 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 6000-16900 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- समुद्री कमांडों को दिये जाने वाले मार्कोस एवं गाड़ी भत्ते को 10500-15750 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 17300-25000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- समुद्र में जाने से संबंधित भत्ते के लिए 12 घंटे की शर्त को घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है और दरों को 3000-7800 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 6000-10500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सीआरपीएफ कर्मियों को दिए जाने वाले कोबरा भत्ते को 8400-16800 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 17300-25000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- संशोधित फील्ड, फील्ड एवं अत्यंत सक्रिय फील्ड क्षेत्र भत्ते को 1200-12600 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 6000-16900 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- उड़ान भत्ते को 10500-15750 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 17300-25000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. यह भत्ता बीएसएफ के हवाई प्रकोष्ठ को भी दिया जाएगा.
- अधिक ऊंचाई से जुड़े भत्ते को 810-16800 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 2700-25000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- रक्षा कर्मियों के लिए उच्च योग्यता भत्ते को 9000-30000 रुपये प्रति माह (अनुदान) से बढ़ाकर 10000-30000 रुपये प्रति माह (अनुदान) कर दिया गया है.
- टेस्ट पायलट एवं फ्लाइट टेस्ट अभियंता भत्ते को 1500/3000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 4100/5300 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- प्रादेशिक सेना भत्ते को 175-450 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1000-2000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- रक्षा कर्मियों के लिए प्रतिनियुक्ति (ड्यूटी) भत्ते की सीमा 2000-4500 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 4500-9000 रुपये प्रति माह कर दी गयी है.
- टुकड़ी भत्ते को 165-780 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 405-1170 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- पैरा कूद प्रशिक्षक भत्ते को 2700/3600 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 6000/10500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
- परिचालन एवं गैर-परिचालन से जुड़े कार्यों के लिए विशेष संरक्षण समूह हेतु विशेष सुरक्षा भत्ते को बढ़ाकर मूल वेतन का क्रमशः 55 और 27.5 प्रतिशत कर दिया है.
उल्लेखनीय है कि देश में सातवां वेतन आयोग 2026 तक लागू रहेगा. नियमानुसार केंद्र सरकार हर दस साल में नया वेतन आयोग गठित करती है. आयोग अपने गठन की तिथि से 18 महीने के अंदर अपनी सिफारिशें प्रदान करेगा. जिस पर केंद्र सरकार अंतिम फैसला लेता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 24, 2020 01:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

