सिंधु जल संधि सस्पेंड और एक्स अकाउंट भी ब्लॉक, घबराया पाकिस्तान, बुलाई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक
पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) - शीर्ष सुरक्षा निकाय गुरुवार को अहम बैठक करेगी. यह घोषणा पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई है. जिसमें कश्मीर में हुए हमले के मद्देनजर पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए आक्रामक कदमों का आकलन किया जाएगा.
नई दिल्ली, 24 अप्रैल : पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) - शीर्ष सुरक्षा निकाय गुरुवार को अहम बैठक करेगी. यह घोषणा पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई है. जिसमें कश्मीर में हुए हमले के मद्देनजर पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए आक्रामक कदमों का आकलन किया जाएगा. पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इसमें एक व्यापक नीति तैयार की जाएगी.
भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित हमला करार देते हुए 23 अप्रैल की देर शाम कई अहम फैसले लिए. सीमाएं बंद कर दीं, उच्चायोग में तैनात रक्षा सलाहकारों को पर्सोना नॉन ग्रेटा घोषित कर दिया और एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए, इस्लामाबाद द्वारा सीमा पार आतंकवाद को कथित समर्थन दिए जाने के दावे के आधार पर सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की. यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री ने बिहार को 13,500 करोड़ रु की परियोजनाओं की सौगात दी, चार नई ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी
पाकिस्तान खौफजदा है. उसे इन फैसलों से होने वाले नुकसान का अच्छा खासा अनुमान है. सीसीएस बैठक में लिए सख्त फैसलों के बाद भारत ने पाकिस्तान सरकार के एक्स अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है और नई दिल्ली में पाकिस्तानी प्रभारी को तलब किया है.
पाक मीडिया भी मान रही है कि 23 अप्रैल को लिए गए फैसले में सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) का निलंबन सबसे कठोर उपाय है. 1960 की संधि युद्धों और दशकों की शत्रुता के बावजूद कायम रही थी. आतंकी हमला कश्मीर के प्रमुख पर्यटक स्थल पहलगाम में हुआ. यहां गर्मियों में हजारों पर्यटक आते हैं. बंदूकधारियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए. इनमें नेपाल के एक व्यक्ति को छोड़कर सभी भारत के थे. यह वर्ष 2000 के बाद से इस क्षेत्र में नागरिकों पर सबसे घातक हमला था.
भारत ने सबसे तगड़ा झटका सिंधु जल संधि को लेकर दिया है. पाकिस्तान के लिए ये अप्रत्याशित है. क्योंकि इससे उसे सबसे ज्यादा नुकसान का खतरा है. उसकी कृषि, बिजली जैसी जरूरतें इसी के कारण संभव हैं. 60 साल से ज्यादा साल तक युद्ध, संघर्ष और कूटनीतिक विफलताओं की आंच इस पर नहीं आई थी लेकिन पहलगाम में निहत्थे सैलानियों पर किए गए कायराना हमले ने हिंदुस्तान को पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाने को मजबूर कर दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2025 02:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

