देश

Indore-Mhow DEMU Train: लोको पायलट ने समोसे लेने के लिए बीच रास्ते में रोकी इंदौर-महू डेमू ट्रेन, VIDEO वायरल होने के बाद रेलवे ने शुरू की जांच

मध्य प्रदेश में इंदौर और महू के बीच चलने वाली डेमू ट्रेन के लोको पायलट द्वारा समोसे खरीदने के लिए गाड़ी रोकने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के जरिए जांच शुरू कर दी है.

Indore-Mhow DEMU Train: लोको पायलट ने समोसे लेने के लिए बीच रास्ते में रोकी इंदौर-महू डेमू ट्रेन, VIDEO वायरल होने के बाद रेलवे ने शुरू की जांच

 Indore-Mhow DEMU Train:  मध्य प्रदेश के इंदौर में रेलवे व्यवस्था और नियमों से जुड़ा एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इंदौर-महू डेमू (DEMU) पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट ने सिर्फ समोसे खरीदने के लिए ट्रेन को बीच ट्रैक पर रोक दिया. वीडियो के सामने आने और यात्रियों के विरोध के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है. पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.

यह घटना राऊ क्षेत्र के रंगवासा रोड इलाके की बताई जा रही है. वायरल वीडियो में रेलवे की वर्दी पहने एक कर्मचारी पटरी के पास स्थित एक दुकान से कुछ सामान लेकर वापस ट्रेन के इंजन की तरफ बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह व्यक्ति ट्रेन का लोको पायलट है और गाड़ी को केवल समोसे लेने के लिए ही वहां खड़ा किया गया था.   यह भी पढ़े:  जज्बे को सलाम! भारत की पहली महिला ट्रेन चालक सुरेखा यादव, जानिए संघर्षों से भरी उनकी सच्ची दास्तान

पायलट ने समोसे लेने के लिए बीच रास्ते में रोकी ट्रेन

स्थानीय निवासियों का दावा: 'यह रोज की बात बन चुकी है'

इस घटना को लेकर रंगवासा रोड के आस-पास रहने वाले नागरिकों ने रेल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. क्षेत्रवासियों का कहना है कि इंदौर से डॉ. अंबेडकर नगर (महू) के बीच चलने वाली यह डेमू ट्रेन अक्सर इस विशेष स्थान पर कुछ मिनटों के लिए रुक जाती है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, लोको पायलट नियमित रूप से ट्रेन से नीचे उतरता है और पास की दुकान से गरमा-गरम समोसे खरीदकर लाता है. इस आदत के कारण ट्रेन में सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को बेवजह देरी का सामना करना पड़ता है और उनकी सुरक्षा भी दांव पर लगी रहती है.

रेलवे ने दिए जांच के आदेश, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

वीडियो के सोशल मीडिया पर छा जाने के बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लिया है. रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने पुष्टि की है कि यह वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आ चुका है और इसे जांच के लिए संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेज दिया गया है.

जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या ट्रेन किसी तकनीकी खराबी, परिचालन संबंधी कारण या सिग्नल न मिलने की वजह से रुकी थी, या फिर वाकई नियमों का उल्लंघन करते हुए इसे समोसे खरीदने के लिए रोका गया था. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

दैनिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है यह रूट

इंदौर और महू के बीच चलने वाली डेमू सेवा इस क्षेत्र के कामकाजी लोगों, छात्रों और दैनिक यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण लाइफलाइन मानी जाती है. हर दिन हजारों लोग इस मार्ग पर सफर करते हैं.

रेलवे नियमों के अनुसार, किसी भी ट्रेन के परिचालन के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं और समय-सारणी का पालन करना चालक दल के लिए अनिवार्य होता है ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सेवाओं की विश्वसनीयता बनी रहे. इस जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 08, 2026 09:23 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).