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Who Is Pooja Kumari Jha? कौन हैं पूजा कुमारी झा? ढाका में भारत का गलत नक्शा दिखाए जाने पर जताई आपत्ति, जानें IFS अधिकारी का संघर्ष से सफलता तक का सफर

भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है और किसी भी गलत नक्शे या प्रस्तुति पर अपनी आपत्ति दर्ज कराता है. ढाका में पूजा कुमारी झा की इस टिप्पणी ने न केवल भारत के आधिकारिक रुख को दोहराया, बल्कि उनके संघर्षपूर्ण जीवन से लेकर भारतीय विदेश सेवा तक के प्रेरणादायक सफर को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया.

Who Is Pooja Kumari Jha? कौन हैं पूजा कुमारी झा? ढाका में भारत का गलत नक्शा दिखाए जाने पर जताई आपत्ति, जानें IFS अधिकारी का संघर्ष से सफलता तक का सफर

Who Is Pooja Kumari Jha: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित एक विदेश नीति से जुड़े सेमिनार के दौरान भारत का गलत नक्शा दिखाए जाने पर भारतीय उच्चायोग की अधिकारी पूजा कुमारी झा (Pooja Kumari Jha) ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई. सेमिनार में प्रदर्शित नक्शे में जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया था, जिस पर पूजा झा ने स्पष्ट कहा कि "जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है" और यह नक्शा तथ्यात्मक रूप से गलत है. इस घटना के बाद पूजा कुमारी झा सुर्खियों में आ गई हैं. आइए जानते हैं कौन हैं पूजा कुमारी झा और उनका अब तक का सफर.

कौन हैं पूजा कुमारी झा?

पूजा कुमारी झा भारतीय विदेश सेवा (Indian Foreign Service-IFS) की 2022 बैच की अधिकारी हैं. फिलहाल वह बांग्लादेश के ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग (High Commission of India) में सेकेंड सेक्रेटरी (Political and Information) के पद पर तैनात हैं.

उन्होंने वर्ष 2021 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास की थी और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 82 हासिल कर भारतीय विदेश सेवा में जगह बनाई.

दिल्ली के साधारण परिवार से IFS बनने तक का सफर

पूजा कुमारी झा का बचपन दिल्ली में एक साधारण परिवार में बीता. उनके पिता पिछले करीब 40 वर्षों से गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में ऑफिस हेल्पर के रूप में काम करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं.

पूजा छह भाई-बहनों में पांचवीं संतान हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके परिवार में बेटे के जन्म को अधिक महत्व दिया जाता था और छोटे भाई के जन्म के बाद परिवार की बेटे की इच्छा पूरी हुई. उन्होंने कहा था कि जिस समाज से वह आती हैं, वहां UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने का सपना देखना भी बड़ी बात माना जाता है.

लैंगिक भेदभाव के खिलाफ बनाई अपनी पहचान

पूजा ने कई बार अपने बचपन में झेले गए लैंगिक भेदभाव का जिक्र किया है. उनके अनुसार, बेटे और बेटियों के बीच किए जाने वाले भेदभाव ने उन्हें शिक्षा के जरिए अपनी अलग पहचान बनाने की प्रेरणा दी. उन्होंने बताया कि वह और उनकी बहनें अक्सर इस असमानता पर चर्चा करती थीं और तभी उन्होंने समाज में बदलाव लाने का संकल्प लिया.

पूजा ने यह भी कहा कि जब वह पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करती थीं, तब परिवार और समाज से मिलने वाला सम्मान उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन जाता था.

सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर हासिल की सफलता

आर्थिक तंगी के कारण पूजा और उनके भाई-बहनों ने अलग-अलग सरकारी और दिल्ली नगर निगम (MCD) के स्कूलों में पढ़ाई की. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर IFS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया.

ढाका में गलत नक्शे पर जताई आपत्ति

हाल ही में ढाका में आयोजित एक विदेश नीति से जुड़े सेमिनार के दौरान प्रदर्शित भारत के नक्शे में जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया था. इस पर पूजा कुमारी झा ने तुरंत आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि "यह नक्शा गलत है. जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है."

इसके बाद बांग्लादेश के पूर्व राजनयिक तारिक ए. करीम ने सफाई देते हुए कहा कि वह नक्शा केवल "प्रतीकात्मक उद्देश्य" से इस्तेमाल किया गया था और वह वास्तविक सीमाओं को प्रदर्शित नहीं करता.

भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है और किसी भी गलत नक्शे या प्रस्तुति पर अपनी आपत्ति दर्ज कराता है. ढाका में पूजा कुमारी झा की इस टिप्पणी ने न केवल भारत के आधिकारिक रुख को दोहराया, बल्कि उनके संघर्षपूर्ण जीवन से लेकर भारतीय विदेश सेवा तक के प्रेरणादायक सफर को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2026 06:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).