IndiGo Bird Hit: बेंगलुरु से मुंबई जा रहे इंडिगो विमान से टकराया पक्षी, टेकऑफ के दौरान पायलट ने सूझबूझ से रोकी फ्लाइट, सभी यात्री सुरक्षित

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार, 5 जून 2026 की शाम मुंबई जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट (6E-6283) उड़ान भरने के दौरान एक पक्षी से टकरा गई. टेकऑफ रोल के समय हुई इस घटना के बाद पायलट ने एहतियातन तुरंत ब्रेक लगाकर टेकऑफ को रद्द कर दिया और विमान को वापस बे (Bay) में ले आए. तकनीकी टीम की गहन जांच के बाद विमान को पूरी तरह सुरक्षित और घोषित किया गया, जिसके बाद उड़ान ने एक घंटे से अधिक की देरी से मुंबई के लिए प्रस्थान किया.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

बेंगलुरु, 6 जून: कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) से महाराष्ट्र (Maharashtra) की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) जाने वाले इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) के एक विमान के साथ शुक्रवार शाम को एक बड़ा हादसा होने से टल गया. बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उड़ान भरने (Takeoff) की तैयारी कर रहे इंडिगो के एक यात्री विमान से अचानक एक पक्षी टकरा गया. टेकऑफ रोल के दौरान हुई इस 'बर्ड हिट' (Bird Hit) की घटना के बाद विमान के पायलट ने अत्यधिक सूझबूझ का परिचय देते हुए उड़ान भरने की प्रक्रिया को तुरंत बीच में ही रोक दिया. एहतियाती तौर पर विमान को वापस पार्किंग बे (Bay) में लाया गया, जिसके कारण यह उड़ान एक घंटे से अधिक समय के लिए विलंबित हो गई. यह भी पढ़ें: IndiGo International Flights Suspended: इंडिगो ने 6 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से कीं निलंबित; कमजोर मांग और बढ़ती लागत को बताया वजह

टेकऑफ के समय रनवे पर हुआ हादसा; पायलट ने तुरंत रोकी फ्लाइट

विमानन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-6283 बेंगलुरु से मुंबई के लिए प्रस्थान करने वाली थी. इस उड़ान के लिए एक अत्याधुनिक 'एयरबस A321Neo' (Airbus A321Neo) विमान का उपयोग किया जा रहा था. विमान रनवे पर अपनी निर्धारित गति पकड़ चुका था और हवा में उड़ान भरने ही वाला था कि अचानक विमान की संरचना से एक पक्षी टकरा गया.

पक्षी के टकराते ही विमान के पायलट ने बिना कोई जोखिम उठाए तुरंत आपातकालीन ब्रेक लगाए और टेकऑफ की प्रक्रिया को रद्द (Abort) कर दिया. इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विमान को वापस तकनीकी निरीक्षण के लिए पार्किंग एरिया में ले जाया गया.

बेंगलुरु-मुंबई इंडिगो 6E-6283 फ्लाइट पक्षी से टकराने के बाद देरी से चली 

इंजीनियरों की टीम ने की व्यापक जांच; कोई हताहत नहीं

विमान के पार्किंग बे में लौटने के तुरंत बाद एयरलाइन के वरिष्ठ इंजीनियरों और रखरखाव कर्मियों (Maintenance Personnel) की एक विशेष टीम ने विमान को अपने घेरे में ले लिया. तकनीकी टीम ने बर्ड हिट से होने वाले संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए विमान के दोनों मुख्य इंजनों, पंखों और अगले हिस्से का अत्यंत बारीक व व्यापक सुरक्षा निरीक्षण किया.

विमान में सवार एक यात्री ने बताया कि इस पूरी सुरक्षा प्रक्रिया और तकनीकी जांच के दौरान सभी यात्री और क्रू मेंबर्स विमान के भीतर ही सुरक्षित बैठे रहे। इस पूरी घटना के दौरान किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई और सभी पूरी तरह सुरक्षित रहे. गहन तकनीकी परीक्षण के बाद जब इंजीनियरों ने विमान को पूरी तरह परिचालन के योग्य (Airworthy) पाया, तब जाकर इसे आगे की यात्रा के लिए आधिकारिक क्लीयरेंस दी गई.

डेढ़ घंटे की देरी से मुंबई के लिए रवाना हुआ विमान

फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और हवाई अड्डे के समय सारणी के अनुसार, इंडिगो की इस उड़ान 6E-6283 का बेंगलुरु से मुंबई के लिए प्रस्थान करने का मूल निर्धारित समय शुक्रवार शाम 7:04 बजे था. हालांकि, रनवे पर हुए इस बर्ड स्ट्राइक हादसे और उसके बाद चली लंबी तकनीकी व सुरक्षा जांच के कारण विमान ने अपने तय समय से लगभग एक घंटे बयालीस मिनट की देरी से, रात करीब 8:46 बजे बेंगलुरु से उड़ान भरी और बाद में सुरक्षित रूप से मुंबई में लैंड किया.

इंडिगो एयरलाइंस के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि विमान की टैक्सीिंग और टेकऑफ रोल के दौरान पक्षी टकराने की समस्या आई थी, जिसे पायलट की सतर्कता के कारण समय रहते संभाल लिया गया और पूरी जांच के बाद ही विमान को सेवा में वापस भेजा गया.

एविएशन सेक्टर के लिए एक आम मगर गंभीर चुनौती

उड्डयन विशेषज्ञों का मानना है कि विमानों से पक्षियों का टकराना (बर्ड स्ट्राइक) वैश्विक विमानन क्षेत्र के लिए एक बेहद आम लेकिन अत्यधिक खतरनाक चुनौती है. रनवे या हवा में उड़ान के दौरान यदि कोई पक्षी विमान के इंजन के भीतर खिंचा चला जाता है, तो इससे इंजन के ब्लेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिससे इंजन के फेल होने या आग लगने का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है.

यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा नियमों के तहत ऐसी किसी भी घटना के बाद एयरलाइंस को बेहद सख्त और अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना होता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विमान आसमान में जाने के लिए शत-प्रतिशत फिट है.

Share Now