Flydubai Hero Pilot: दुबई-इजराइल फ्लाइट में चाकू लगने के बाद भी लड़े भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार; पीएम मोदी, ट्रंप और नेतन्याहू ने बताया 'हीरो', बचीं 174 जिंदगियां
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर 2026 को कॉकपिट के भीतर हुए जानलेवा हमले के बाद 174 यात्रियों और चालक दल की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की वीरता की दुनियाभर में सराहना हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन को 'सच्चा हीरो' करार दिया है। सर्जरी के बाद सऊदी अरब के अस्पताल में उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.
नई दिल्ली/तेल अवीव: दुबई से इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में आसमान में हुए बड़े संकट को टालने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को वैश्विक नेतृत्व ने सलाम किया है. सह-पायलट द्वारा चाकू घोंपने के बाद भी कैप्टन स्मित ने विमान नियंत्रण और कॉकपिट सुरक्षा को बनाए रखा, जिससे 174 से अधिक नागरिकों की जान बचाई जा सकी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उनकी बहादुरी की प्रशंसा करते हुए लिखा कि गंभीर खतरे और असहनीय दर्द के बावजूद कैप्टन स्मित ने अद्वितीय कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, जिस पर पूरे भारत को गर्व है. वहीं, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनके त्वरित निर्णय की तारीफ करते हुए उन्हें 'रियल हीरो' बताया. यह भी पढ़ें: India-US Ties: पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई 'सार्थक' बातचीत; व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और अहम तकनीकों पर बनी रणनीतिक सहमति
कॉकपिट में क्या हुआ? 14,000 फीट नीचे गोता खा गया था विमान
घटनाक्रम 30 सितंबर 2026 की रात फ्लाइट FZ1073 के दौरान उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में हुआ:
- अचानक हमला: उड़ान के दौरान ओमान के नागरिक बताए जा रहे को-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया और विमान के नेविगेशन सिस्टम को प्रभावित कर प्लेन को गिराने का प्रयास किया.
- तेज गिरावट: विवाद और खींचतान के बीच बोइंग 737 विमान एक मिनट से भी कम समय में लगभग 14,000 फीट तेजी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा.
- दरवाजा खोलकर बचाई स्थिति: गंभीर रूप से घायल और खून बहने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हमलावर को रोके रखा और अपनी सीट से कॉकपिट का लॉक खोल दिया.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, कैप्टन स्मिट मच्छार एक हीरो हैं
बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छर की तारीफ की
यात्रियों ने हमलावर को दबोचा, ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाली कमान
कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही केबिन में मौजूद एक इजराइली यात्री और क्रू मेंबर्स अंदर कूदे और हमलावर सह-पायलट को चोकहोल्ड में लेकर काबू किया:
- उसी फ्लाइट में यात्रा कर रहे दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत नियंत्रण अपने हाथ में लिया और विमान को स्थिर किया.
- इसके बाद सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे (Tabuk Airport) पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.
- सऊदी सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी को-पायलट को तुरंत हिरासत में ले लिया, जबकि कैप्टन स्मित को तदर्थ अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी आपात सर्जरी की गई.
वैश्विक नेताओं ने बांधे तारीफों के पुल
इस हैरतअंगेज बचाव के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैप्टन स्मित के जज्बे को सराहा जा रहा है:
- पीएम नरेंद्र मोदी: द फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, "कैप्टन स्मित मच्छार एक सच्चे हीरो हैं. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अद्वितीय साहस दिखाया और एक बड़ी त्रासदी टाल दी। देश को उन पर गर्व है."
- बेंजामिन नेतन्याहू: द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने कहा, "गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने दरवाजा खोलकर यात्रियों को मदद का मौका दिया. उनकी हिम्मत से 174 लोगों की जान बची। मैं उन्हें सलाम करता हूं."
- डोनाल्ड ट्रंप: द बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "पायलट की हालत बेहद नाजुक थी, फिर भी उन्होंने संयम खोए बिना दरवाजा खोलने की समझदारी दिखाई. वे एक वास्तविक नायक हैं."
- भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार और तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने भी इसे अदम्य वीरता करार देते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
द टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार:
- कैप्टन स्मित मूल रूप से मुंबई के रहने वाले हैं और गुजराती मूल से ताल्लुक रखते हैं.
- उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से पूरी की है.
- वे बोइंग 737 विमानों के अनुभवी कैप्टन हैं. फ्लाईदुबई में वर्ष 2022 में बतौर डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन शामिल होने से पहले उन्होंने भारत की निजी एयरलाइन 'स्पाइसजेट' (SpiceJet) में करीब 11 वर्षों तक सेवा दी थी, जहां वे लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की भूमिका में भी रहे.
सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी को-पायलट से पूछताछ कर रही हैं कि इस जानलेवा हमले और विमान अपहरण की कोशिश के पीछे उसका क्या मकसद था.