Air Force Day 2026: भारतीय वायुसेना मना रही है 94वां स्थापना दिवस; पीएम मोदी ने जांबाजों के शौर्य को किया सलाम, 'तरंग शक्ति' से लेकर आधुनिक ताकत की गूंज
भारतीय वायुसेना आज, गुरुवार 8 अक्टूबर को अपना 94वां स्थापना दिवस मना रही है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वायु योद्धाओं और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए देश की संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा में उनके अदम्य साहस व समर्पण को नमन किया. वर्ष 2026 के वायुसेना दिवस का आधिकारिक ध्येय 'भारतीय वायुसेना - अचूक, अभेद्य और सटीक' रखा गया है.
नई दिल्ली: देश की संप्रभुता और आसमानी सीमाओं के सजग प्रहरी भारतीय वायुसेना (IAF) आज अपना 94वां स्थापना दिवस मना रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वायु योद्धाओं के पराक्रम और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि भारत को अपनी वायुसेना पर गर्व है.
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, "भारत को अपने वायु योद्धाओं पर गर्व है।.वायुसेना दिवस के पावन अवसर पर, हम अपने आसमान की सुरक्षा के लिए उनके साहस और अटूट समर्पण को सलाम करते हैं."
94वें स्थापना दिवस की थीम: 'अचूक, अभेद्य और सटीक'
इस वर्ष के समारोहों का मुख्य संदेश वायुसेना की तकनीकी और मारक क्षमता को समर्पित है:
- वार्षिक थीम: वर्ष 2026 के लिए वायुसेना ने 'Indian Air Force – Infallible, Impervious and Precise' (भारतीय वायुसेना - अचूक, अभेद्य और सटीक) को अपनी थीम चुना है.
- बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026': वायुसेना दिवस का यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब वायुसेना 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलने वाले बड़े बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' में भाग ले रही है. इस अभ्यास में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), श्रीलंका और बांग्लादेश सहित कई मित्र देशों की वायुसेनाएं भारतीय आसमान में संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही हैं.
वायुसेना प्रमुख ने दिया उच्च स्तरीय तैयारियों का भरोसा
वायुसेना दिवस की पूर्व संध्या पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में वायुसेना की युद्धक क्षमता और तत्परता पर बल दिया:
- तकनीकी आधुनिकीकरण: एयर चीफ मार्शल ने 'वायुशक्ति', 'ड्रोनाथॉन' और 'तरंग शक्ति' जैसे अभ्यासों का उल्लेख करते हुए बताया कि वायुसेना में ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और आधुनिक मिसाइल प्रणालियों का तेजी से एकीकरण किया जा रहा है.
- मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR): उन्होंने रेखांकित किया कि वायुसेना न केवल सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि देश और विदेश में प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़ और संकट के समय नागरिकों को त्वरित मानवीय सहायता और राहत पहुंचाने में हमेशा अग्रणी रहती है.
1932 से 2026: चार विमानों से चौथी सबसे बड़ी वैश्विक वायु शक्ति तक का सफर
भारतीय वायुसेना का ऐतिहासिक सफर तकनीकी विकास और वीरता की मिसाल है:
- स्थापना और पहली उड़ान: ब्रिटिश शासनकाल के दौरान 8 अक्टूबर 1932 को रॉयल इंडियन एयरफोर्स के रूप में इसकी आधिकारिक स्थापना हुई थी. बल ने अपनी पहली ऑपरेशनल उड़ान अप्रैल 1933 में केवल चार वेस्टलैंड वापिति (Westland Wapiti) विमानों और छह पायलटों के साथ भरी थी.
- आधुनिक ताकत: नौ दशकों के सफर में आज भारतीय वायुसेना विश्व की चौथी सबसे शक्तिशाली वायुसेनाओं में शुमार है. इसके बेड़े में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, स्वदेशी एलसीए तेजस, सी-17 ग्लोबमास्टर, चिनूक, अपाचे हेलिकॉप्टर और एस-400 सुदर्शन जैसी लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियां शामिल हैं, जो किसी भी दो-तरफा सुरक्षा चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं.