कतर में हिरासत में रखे गए अपने नागरिक की मदद करेगा भारत
भारत गुजरात के वडोदरा के भारतीय नागरिक अमित गुप्ता को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है, जिन्हें कतर में डेटा चोरी के आरोप में गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है. मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी.
नई दिल्ली, 23 मार्च : भारत गुजरात के वडोदरा के भारतीय नागरिक अमित गुप्ता को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है, जिन्हें कतर में डेटा चोरी के आरोप में गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है. मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी. आईटी फर्म टेक महिंद्रा के वरिष्ठ कर्मचारी गुप्ता को कतर के अधिकारियों ने 1 जनवरी को हिरासत में लिया था, उनकी मां पुष्पा गुप्ता ने वडोदरा में मीडिया को इसकी जानकारी दी थी. गुप्ता के पिता ने कहा कि उन्हें कतर की राज्य सुरक्षा द्वारा हिरासत में लिया गया था.
नाम न बताने की शर्त पर बताया गया कि हिरासत की जानकारी कतर के भारतीय दूतावास को है. गुप्ता के परिवार का कहना है कि वह निर्दोष हैं और उन पर डेटा चोरी का झूठा आरोप लगाया गया है. वे उनकी तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं और प्रधानमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप करने की मांग करते हैं. गुप्ता के खिलाफ मामले या आरोपों का विवरण दिए बिना एक व्यक्ति ने कहा, "हमारा दूतावास मामले में हर संभव सहायता प्रदान करना जारी रखता है और मामले पर बारीकी से नजर रख रहा है." यह भी पढ़ें : बेल्जियम में रह रहा है भगोड़ा मेहुल चोकसी, फर्जी दस्तावेजों से पाया रेजीडेंसी, प्रत्यर्पण पर बढ़ी मुश्किलें
लोगों ने बताया कि दूतावास गुप्ता के परिवार, उनके वकील और कतर के अधिकारियों के साथ नियमित रूप से संपर्क में है. गुप्ता की मां ने कहा कि वह कतर गई थीं और वहां भारतीय राजदूत से मिली थीं. उन्होंने राजदूत के हवाले से कहा कि गुप्ता के मामले में अब तक कोई "सकारात्मक प्रतिक्रिया" नहीं मिली है. भाजपा सांसद हेमंग जोशी ने मीडिया को बताया कि वडोदरा निवासी गुप्ता पिछले 10 वर्षों से कतर में टेक महिंद्रा के लिए काम कर रहे थे. जोशी ने कहा कि उन्हें कतर के सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में लिया.
भाजपा सांसद ने कहा, "उनके माता-पिता एक महीने के लिए कतर गए थे और उनसे मिलने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हुए." कतर में किसी भारतीय को हिरासत में लेने से जुड़ा यह 2022 के बाद से दूसरा मामला है. उच्च पदस्थ अधिकारियों सहित आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को 2022 में हिरासत में लिया गया और बाद में 2023 में मौत की सजा सुनाई गई. बाद में कतर की एक अदालत ने उनकी सजा कम कर दी थी और फरवरी 2024 में कतर के अमीर के आदेश पर उन्हें रिहा कर दिया गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 23, 2025 08:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

