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India-China Border Tension: देश के 68.2 फीसदी लोग चीनी उत्पादों के बहिष्कार को तैयार- सर्वे

भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के मद्देनजर देश के 68.2 प्रतिशत लोगों का कहना है वे चीन द्वारा निर्मित मोबाइल फोन, टीवी, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य उत्पादों को खरीदना बंद कर देंगे। यह जानकारी आईएएएस सी-वोटर स्नैप सर्वेक्षण में सामने आई है। सर्वेक्षण के अनुसार, 68.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे चीनी उत्पादों का बहिष्कार करेंगे

India-China Border Tension: देश के 68.2 फीसदी लोग चीनी उत्पादों के बहिष्कार को तैयार- सर्वे
भारत-चीन सीमा (Photo Credit- Twitter)

नई दिल्ली: भारत (India) और चीन (China) के बीच चल रहे सीमा विवाद के मद्देनजर देश के 68.2 प्रतिशत लोगों का कहना है वे चीन द्वारा निर्मित मोबाइल फोन, टीवी, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य उत्पादों को खरीदना बंद कर देंगे. यह जानकारी आईएएएस सी-वोटर स्नैप सर्वेक्षण में सामने आई है.  सर्वेक्षण के अनुसार, 68.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे चीनी उत्पादों का बहिष्कार करेंगे, जबकि 31.8 प्रतिशत ने कहा कि इस तरह का कुछ भी नहीं होने जा रहा है और हमेशा की तरह व्यापार होगा, जहां लोग चीनी उत्पादों को खरीदना जारी रखेंगे.

विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के बीच किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि सभी उम्र के लोग इस बात पर सहमत हैं कि वे चीनी उत्पादों का बहिष्कार करेंगे। मध्यम आयु वर्ग में 75 प्रतिशत (45 से 60 वर्ष), 25 से 45 वर्ष आयु वर्ग में 66 प्रतिशत, 60 वर्ष से ऊपर की आयु में 79 प्रतिशत बुजुर्ग और 60.9 प्रतिशत फ्रेशर्स (25 वर्ष से नीचे) ने माना कि वे चीनी उत्पादों का बहिष्कार करेंगे. यह भी पढ़ें:भारतीय-चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प पर कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- हमारी कमजोरी का हर संकेत चीन की प्रतिक्रिया को और अधिक आक्रामक बनाता है

शिक्षा समूह की सभी श्रेणियों में भी चीन विरोधी भावना स्पष्ट रूप से सामने आई है। निम्न शिक्षित समूह में 70 प्रतिशत, मध्यम शिक्षा समूह में 65 प्रतिशत और उच्च शिक्षा समूह में 64.6 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे चीनी सामान नहीं खरीदेंगे.आय वर्ग की श्रेणी में चीन विरोधी भावना अधिक प्रचलित और विभिन्न वर्गों में सुसंगत है। निम्न, मध्यम और उच्च आय वर्ग में 68 प्रतिशत लोगों की यही सोच देखने को मिली है।

वहीं अगर सामाजिक समूह की श्रेणी की बात करें तो सर्वेक्षण में पाया गया कि 93.9 प्रतिशत ईसाई चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने के इच्छुक हैं। इसके बाद हिंदुओं में अनुसूचित जनजातियों के 80.7 प्रतिशत, अन्य पिछड़े वर्गों के 73.8 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के 70 प्रतिशत और सर्वण (उच्च जाति) 74 प्रतिशत लोगों ने चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने की बात कही. सर्वेक्षण में चीन विरोधी भावना मुस्लिमों (35.1 प्रतिशत) और सिखों (44 प्रतिशत) को छोड़कर सभी वर्गों में बहुत अधिक देखने को मिली है.

पिछले आम चुनाव में वोट डालने वाले लोगों से भी सर्वेक्षण में सवाल पूछे गए। विपक्षी पार्टियों को वोट देने वाले 58.2 प्रतिशत मतदाताओं ने चीनी उत्पादों के बहिष्कार का समर्थन किया. वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को वोट देने वाले 72.8 प्रतिशत मतदाताओं ने भी कहा कि वे चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने को तैयार हैं. लिंग के आधार पर देखा जाए तो 74 प्रतिशत पुरुषों ने चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने पर सहमति व्यक्त की, जबकि 61.7 प्रतिशत महिलाओं ने चीनी समान को नहीं खरीदने की बात कही.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 24, 2020 12:04 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).