Central India Monsoon: 15 अगस्त तक मध्य भारत में तेज होगी बारिश, IMD के सामान्य से कम मानसून अनुमान के बीच कई राज्यों में भारी वर्षा का अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पूरे सीजन में बारिश सामान्य से कम रहने का मतलब यह नहीं है कि सभी क्षेत्रों में सूखा रहेगा. कई बार कम अवधि में बेहद तेज बारिश होने से जलभराव, अचानक बाढ़ और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि मौसम की ताजा जानकारी के लिए IMD के दैनिक और विस्तारित पूर्वानुमानों पर नजर रखें, क्योंकि मौसम प्रणाली लगातार बदलती रहती है.

Central India Monsoon: देश के मध्य हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है. मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार 8 से 15 अगस्त के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी. हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूरे मानसून सीजन के सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया है. Mumbai Monsoon Diseases 2026: मुंबई में मानसून बना बीमारी का सीजन! BMC के आंकड़ों में डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में बढ़ोतरी, जानें कितने केस आए

15 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना

यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) के पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून ट्रफ और उससे जुड़े कम दबाव के सिस्टम की वजह से मध्य भारत में नमी बढ़ रही है. इसके चलते मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में व्यापक स्तर पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है.

वहीं उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी रुक-रुककर अच्छी बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में 100 से 200 मिमी या उससे अधिक वर्षा दर्ज होने की संभावना जताई गई है. पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों में इससे भी ज्यादा बारिश हो सकती है.

IMD ने पूरे मानसून के लिए जताया सामान्य से कम बारिश का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल पूरे दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में औसत वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है. विभाग ने मौसमी बारिश लगभग दीर्घकालिक औसत (Long Period Average) के 90 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है.

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत महासागर में विकसित हो रही एल नीनो (El Niño) परिस्थितियां मानसून को प्रभावित कर रही हैं. हालांकि, इसके बावजूद कम दबाव के क्षेत्र और अन्य मौसमी सिस्टम के कारण कुछ इलाकों में कम समय में बहुत भारी बारिश हो सकती है.

इन राज्यों में पहले से जारी है भारी बारिश का दौर

हालिया IMD बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी है. विभाग का अनुमान है कि यह सक्रिय मानसूनी स्थिति 15 अगस्त तक बनी रह सकती है.

कम मानसून का मतलब हर जगह कम बारिश नहीं

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पूरे सीजन में बारिश सामान्य से कम रहने का मतलब यह नहीं है कि सभी क्षेत्रों में सूखा रहेगा. कई बार कम अवधि में बेहद तेज बारिश होने से जलभराव, अचानक बाढ़ और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि मौसम की ताजा जानकारी के लिए IMD के दैनिक और विस्तारित पूर्वानुमानों पर नजर रखें, क्योंकि मौसम प्रणाली लगातार बदलती रहती है.

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