Hubballi: 10 साल की बच्ची को मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाने वाला 38 वर्षीय मजदूर गिरफ्तार; टॉफी और पैसों का लालच देकर बनाई थी जान-पहचान
कर्नाटक के हुबली में 10 साल की एक स्कूली बच्ची को मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो दिखाने और अनुचित व्यवहार करने के आरोप में पुलिस ने 38 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान ओल्ड हुबली निवासी माजिद नदाफ के रूप में हुई है. पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने बच्ची के स्कूल आने-जाने के रास्ते में पहले बातचीत कर और छोटी रकम व सामान मंगाकर उसका भरोसा जीता था.
हुबली (कर्नाटक): स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है. कर्नाटक के ओल्ड हुबली थाना क्षेत्र में एक 38 वर्षीय व्यक्ति को 10 साल की मासूम बच्ची को मोबाइल फोन पर आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री दिखाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता ने अपनी समझदारी और सतर्कता से घर पहुंचकर परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद परिजनों ने सीधे थाने में मामला दर्ज कराया.
दोस्ती का ढोंग और विश्वास जीतने की साजिश
जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओल्ड हुबली निवासी माजिद नदाफ (Mazhid Nadaf) के रूप में हुई है, जो पेशे से दिहाड़ी मजदूर है और शादीशुदा है:
- दैनिक रास्ते पर नजर: पीड़िता रोज स्कूल जाने और घर लौटने के दौरान आरोपी के घर के सामने से गुजरती थी.
- भरोसा जीतने का प्रयास: आरोपी ने पिछले कुछ हफ्तों के दौरान धीरे-धीरे बच्ची से बातचीत शुरू की। वह बच्ची को कभी छोटी रकम देता था, तो कभी किराने का छोटा-मोटा सामान लाने को कहता था ताकि बच्ची का भरोसा जीता जा सके.
- विश्वास कायम करने के बाद आरोपी ने बच्ची के साथ गलत इरादे से अनुचित व्यवहार करने की कोशिश की और अपने मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाए.
परिजनों की शिकायत पर तुरंत एक्शन में आई पुलिस
बच्ची ने आरोपी की इस हरकत से डरने के बजाय सीधे अपने माता-पिता से संपर्क किया और आपबीती बताई:
- परिजनों ने पहले आरोपी से पूछताछ की और फिर बिना देर किए ओल्ड हुबली पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई.
- पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी माजिद नदाफ को हिरासत में ले लिया.
- अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड व पृष्ठभूमि की विस्तृत पड़ताल की जा रही है.
बाल सुरक्षा पर विशेषज्ञों की सलाह: परिजनों का संवाद जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर स्कूली बच्चों के दैनिक आवागमन और अजनबियों से मेलजोल पर निगरानी रखने की आवश्यकता को उजागर किया है:
- बच्चों से निरंतर संवाद: सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस अभियानों के साथ-साथ अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है.
- बदलावों पर नजर: बच्चों से उनके स्कूल के रास्ते, दोस्तों और दिनभर की गतिविधियों पर रोजाना सहजता से बात करनी चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में वे बिना झिझक अपने माता-पिता से बात साझा कर सकें.