निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने के लिए आसियान सदस्य देशों के साथ बातचीत में तेजी लाने की उम्मीद: पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि मलेशिया के निवेश, व्यापार और उद्योग मंत्री तजफरुल अजीज के साथ उनकी एक सार्थक बैठक हुई, जिसमें उन्होंने आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की चल रही समीक्षा पर चर्चा की.
नई दिल्ली, 10 जुलाई : केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि मलेशिया के निवेश, व्यापार और उद्योग मंत्री तजफरुल अजीज के साथ उनकी एक सार्थक बैठक हुई, जिसमें उन्होंने आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की चल रही समीक्षा पर चर्चा की. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "निष्पक्ष व्यापार और संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए आसियान सदस्य देशों के साथ बातचीत में तेजी लाने की उम्मीद है."
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "हमने दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) पर भी चर्चा की." मलेशिया आर्थिक मामलों पर आसियान की ओर से भारत का परमानेंट कोऑर्डिनेटर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सप्ताह रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स समिट के दौरान अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर बिन इब्राहिम से भी मुलाकात की थी और अन्य मुद्दों के अलावा, आसियान-भारत मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा पर भी चर्चा की थी. यह भी पढ़ें : Bihar Elections: क्यों जरूरी था बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण, सीमावर्ती जिलों से चौकाने वाला आधार डाटा आया सामने
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान के सफल नेतृत्व के लिए मलेशिया को बधाई दी और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए उसके निरंतर समर्थन का स्वागत किया, जिसमें आसियान-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की समीक्षा को शीघ्र और सफलतापूर्वक पूरा करना भी शामिल है. एआईटीआईजीए दस आसियान सदस्य देशों (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम) और भारत के बीच एक व्यापार समझौता है. इसका उद्देश्य व्यापार को सुगम बनाने के लिए शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना है.
यह समझौता 2009 में हस्ताक्षरित हुआ था और 1 जनवरी, 2010 को एक व्यापक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) के फ्रेमवर्क के हिस्से के रूप में लागू हुआ. एआईटीआईजीए भौतिक वस्तुओं के व्यापार पर केंद्रित है और सेवाओं के व्यापार को कवर नहीं करता है, जिनका उल्लेख 2014 में हस्ताक्षरित एक अलग समझौते में किया गया है. एआईटीआईजीए ने भारत और आसियान के बीच व्यापार को बढ़ाने में योगदान दिया है, जिससे 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 121 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. एआईटीआईजीए भारत और आसियान के बीच अधिक इकोनॉमिक इंटीग्रेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसकी समीक्षा से व्यापार और निवेश के अवसरों में और वृद्धि होने की उम्मीद है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2025 12:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

