Mumbai Lake Water Stock Update: महाराष्ट्र में भारी बारिश से झीलों का जलस्तर बढ़ा, जलसंकट के बीच मुंबईकरों को बड़ी राहत
मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश से मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों का जलस्तर बढ़कर 7.18% हो गया है, जिससे शहर में गहरा रहे जलसंकट से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
Mumbai Lake Water Stock Update: मुंबई और उसके आस-पास के जिलों में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के कारण मुंबईकरों के लिए राहत की खबर आई है. लगातार हो रही मूसलाधार बरसात की वजह से मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्रों) का जलस्तर बढ़कर 7.18% हो गया है. कल यानी 30 जून तक इन झीलों में केवल 6.75% पानी बचा था. इस बढ़ोतरी से शहर में गहराते जलसंकट और पानी की किल्लत से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
24 घंटे में बढ़ा जलस्तर
मुंबई में मानसून की सक्रियता के साथ ही पिछले कुछ दिनों से लगातार तेज बारिश दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग के भारी बारिश के अनुमान के बीच, पिछले 24 घंटों में झीलों के जलस्तर में सकारात्मक सुधार देखा गया है. 30 जून को जहां झीलों में स्टॉक घटकर 6.75% रह गया था, वहीं ताजा बारिश के बाद यह आंकड़ा 7.18% पर पहुंच गया है. हालांकि, यह कुल क्षमता के मुकाबले अब भी काफी कम है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से आने वाले दिनों में स्टॉक में और सुधार की उम्मीद है. यह भी पढ़े: Mumbai Rains: मुंबई में मॉनसून की रफ्तार तेज, मरीन ड्राइव समेत कई इलाकों में भारी बारिश; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट: VIDEO
इन 7 झीलों से होती है मुंबई को पानी की सप्लाई
मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा शहर को मुख्य रूप से सात झीलों से पानी की सप्लाई की जाती है. इनमें तानसा, भातसा, मोडक सागर, मध्य वैतरणा, ऊपरी वैतरणा, विहार और तुलसी झील शामिल हैं. इन सभी झीलों के कैचमेंट एरिया मुंबई और उससे सटे ठाणे तथा पालघर जिलों में स्थित हैं. इन जिलों में भी पिछले दो दिनों से भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे झीलों में पानी की आवक बढ़ गई है.
वर्तमान स्थिति
जून महीने में बारिश की धीमी शुरुआत के कारण मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों का जलस्तर काफी नीचे चला गया था. स्थिति को देखते हुए बीएमसी ने शहर में 10% पानी की कटौती भी लागू की है. मुंबई को सालभर बिना किसी कटौती के पानी की आपूर्ति करने के लिए 1 अक्टूबर तक झीलों में लगभग 14.47 लाख मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है. वर्तमान बढ़ोतरी शुरुआती राहत जरूर है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.