खबर हटके: यूपी के हरदोई में लगातार बारिश से परेशान शख्स ने इंद्रदेव के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, DM को भेजा पत्र
उत्तर प्रदेश के हरदोई में लगातार हो रही बारिश से परेशान एक नागरिक ने जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर भगवान इंद्रदेव के खिलाफ अनूठी शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से अपने 'दिव्य संपर्कों' के जरिए इंद्रदेव को बारिश रोकने के निर्देश जारी करने की गुहार लगाई है.
खबर हटके: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में लगातार हो रही बारिश और जलभराव से परेशान एक नागरिक ने प्रशासन के सामने एक बेहद अनोखा शिकायती पत्र पेश किया है. जिले के मल्लावां ब्लॉक स्थित नेवादा परस गांव के निवासी सूरज तिवारी ने जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) के माध्यम से सीधे जिलाधिकारी (DM) को पत्र भेजकर बारिश के देवता 'इंद्रदेव' के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.
शिकायतकर्ता का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के पिछले कई घंटों से जारी रुक-रुक कर हो रही बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. यह भी पढ़े: महाराष्ट्र के मालेगांव में प्रसाद के साथ बैल ने निगला 3 तोले का सोने का मंगलसूत्र, सर्जरी कर पेट से निकाला गया; VIDEO
इंद्रदेवता के खिलाफ शिकायत
जलभराव और काम-काज ठप होने का दिया हवाला
शिकायती पत्र में कहा गया है कि मूसलाधार और लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है. इससे लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है और दैनिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ है.
इसके साथ ही, बेमौसम बारिश के कारण किसानों की खड़ी फसलों को होने वाले नुकसान और आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है.
'दिव्य संपर्क माध्यम' से निर्देश भेजने की अनोखी गुहार
मामले का सबसे दिलचस्प पहलू शिकायतकर्ता का प्रशासन से किया गया अनोखा अनुरोध है. पत्र में सूरज तिवारी ने स्पष्ट किया है कि उनके पास भगवान इंद्रदेव का मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है.
ऐसे में उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने उपलब्ध 'दिव्य संपर्क माध्यमों' अथवा विशेष प्रशासनिक नोटिस के जरिए इंद्रदेव को बारिश नियंत्रित करने का आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि जिलेवासियों को राहत मिल सके.
सोशल मीडिया पर वायरल हुई अनोखी अर्जी
जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज की गई यह अजीबोगरीब अर्जी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. लोग इसे स्थानीय स्तर पर जल निकासी (ड्रेनेज) की बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर एक तीखा एवं अनोखा व्यंग्य मान रहे हैं.
फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर इस पत्र को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जनसुनवाई प्रणाली पर दर्ज इस शिकायत की चर्चा पूरे जनपद में जोरों पर है.