BAT-BMS, Lossigy और Epoch Li-Ion ऐप्स पर सरकार की बड़ी कार्रवाई, ई-रिक्शा रोकने में हो रहे थे इस्तेमाल, Google और Apple को हटाने का आदेश
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार किसी वाहन के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में बिना अनुमति डिजिटल हस्तक्षेप करना Information Technology Act, 2000 की धारा 43 और 66 के तहत अपराध माना जाता है. ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है.
BAT-BMS, Lossigy and Epoch Li-Ion Apps Banned: केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए BAT-BMS, Lossigy और Epoch Li-Ion मोबाइल ऐप्स को हटाने का आदेश दिया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Google और Apple को निर्देश दिया है कि इन तीनों ऐप्स को अपने-अपने ऐप स्टोर से तत्काल हटाया जाए. यह फैसला सोशल मीडिया पर वायरल हुए उन वीडियो के बाद लिया गया, जिनमें लोग ब्लूटूथ के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा की लिथियम-आयन बैटरी को बंद करते हुए दिखाई दे रहे थे. यह भी पढ़ें: Chinese BAT-BMS App को लेकर वायरल दावा कितना सच, क्या यह दूर से ई-रिक्शा बंद कर सकता है? जानें पूरी सच्चाई
सरकार ने तुरंत लिया एक्शन
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को CII Cybersecurity Summit के दौरान बताया कि जैसे ही मंत्रालय के संज्ञान में यह मामला आया, तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई. उन्होंने कहा कि जिन ऐप्स का दुरुपयोग किया जा रहा था, उन्हें ऐप स्टोर से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक BAT-BMS, Lossigy और Epoch Li-Ion ऐप्स को औपचारिक रूप से हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं. साथ ही ऐप स्टोर संचालित करने वाली कंपनियों से कहा गया है कि भविष्य में ऐसे ऐप्स की जांच और अधिक सख्ती से की जाए.
कैसे किया जा रहा था ई-रिक्शा बंद?
जांच में सामने आया कि BAT-BMS और Lossigy जैसे ऐप्स मूल रूप से Battery Management System (BMS) के लिए बनाए गए थे. इनका उद्देश्य बैटरी की वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारियों की निगरानी करना था.
हालांकि कई कम कीमत वाली चीनी लिथियम-आयन बैटरियों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण कोई भी व्यक्ति करीब 10 से 15 मीटर की ब्लूटूथ रेंज के भीतर इन ऐप्स के जरिए बैटरी से कनेक्ट होकर उसका Power Discharge Function बंद कर सकता था. इसके बाद ई-रिक्शा तुरंत रुक जाता था और ऐप के जरिए दोबारा सक्रिय किए बिना चालू नहीं हो पाता था.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे प्रैंक वीडियो
इस सुरक्षा खामी का फायदा उठाकर कई लोगों ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर प्रैंक वीडियो बनाए. इनमें चलते हुए ई-रिक्शा को अचानक बंद कर दिया जाता था. कई ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाद में पैसे लेकर उनकी गाड़ी दोबारा चालू करने की पेशकश भी कर रहे थे.
दिल्ली सरकार ने भी शुरू की जांच
घटना के बाद दिल्ली परिवहन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है. परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने अधिकारियों को तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं ताकि इस खामी की पूरी जानकारी सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
आईटी एक्ट के तहत हो सकती है सख्त कार्रवाई
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार किसी वाहन के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में बिना अनुमति डिजिटल हस्तक्षेप करना Information Technology Act, 2000 की धारा 43 और 66 के तहत अपराध माना जाता है. ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है.