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किसानों के लिए खुशखबरी: ताजे फलों के निर्यात में लीडर बना भारत, 29 फीसदी का इजाफा, 111 देशों को में एक्सपोर्ट

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से दिसंबर 2023 तक नौ महीने की अवधि में 29 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ ताजे फल भारत के कृषि निर्यात में एक उत्कृष्ट प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरे हैं.

किसानों के लिए खुशखबरी: ताजे फलों के निर्यात में लीडर बना भारत, 29 फीसदी का इजाफा, 111 देशों को में एक्सपोर्ट
Fruits

नई दिल्ली, 17 फरवरी : कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से दिसंबर 2023 तक नौ महीने की अवधि में 29 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ ताजे फल भारत के कृषि निर्यात में एक उत्कृष्ट प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरे हैं. भारत के ताजे फलों का बाज़ार इस अवधि के दौरान पिछले वर्ष के 102 देशों की तुलना में 111 देशों में फैल गया है. यह 100 मिलियन डॉलर से अधिक के निर्यात की श्रेणी में अग्रणी है.

अप्रैल-नवंबर 2023 के दौरान, कई प्रमुख वस्तुओं में पिछले वर्ष की तुलना में पर्याप्त वृद्धि देखी गई, जैसे केले: 63 प्रतिशत, और केसर और दशहरी आम क्रमशः 120 प्रतिशत और 140 प्रतिशत, दाल (सूखी और छिलके वाली) 110 प्रतिशत, ताजे अंडे 160 प्रतिशत. यह भी पढ़ें : साजिद नाडियाडवाला ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री श्रेत्था थाविसीन से मुलाकात की

अप्रैल से दिसंबर 2023 की अवधि के दौरान बासमती चावल का निर्यात मूल्य 19 प्रतिशत बढ़ गया, जो पिछले वर्ष के 3.33 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में 3.97 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. इसके साथ ही निर्यात की मात्रा में 11 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो समान समय सीमा के भीतर 31.98 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 35.43 लाख मीट्रिक टन हो गई.

बासमती चावल ने शीर्ष बाजारों में अपनी जगह बना ली है. ईरान, इराक, सऊदी अरब, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात इन निर्यातों के लिए शीर्ष पांच गंतव्यों के रूप में उभरे हैं. यह मजबूत प्रदर्शन बासमती चावल की स्थायी लोकप्रियता और वैश्विक मांग को रेखांकित करता है, जिससे भारत के निर्यात पोर्टफोलियो में एक प्रमुख कृषि उत्पाद के रूप में इसकी स्थिति और मजबूत हो गई है.

इस अवधि के दौरान प्रसंस्कृत सब्जियों के निर्यात में भी 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इसके बाद विविध प्रसंस्कृत वस्तुओं का निर्यात बढ़ा. ताजी सब्जियों की बिक्री में भी पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में पर्याप्त वृद्धि देखी गई.

अप्रैल-दिसंबर, 2023 की अवधि में एपीडा की निर्यात टोकरी में 23 प्रमुख वस्तुओं (पीसी) में से 18 ने सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित की. विशेष रूप से आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक निर्यात वाले 15 बड़े पीसी में से 13 में सकारात्मक वृद्धि हुई, औसत वृद्धि दर 12 प्रतिशत रही.

वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान भारत का कृषि निर्यात 53.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था, जिसमें एपीडा की कमोडिटी बास्केट का भारत के कृषि-निर्यात में 51 प्रतिशत का महत्वपूर्ण योगदान था.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 17, 2024 03:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).