Ganeshotsav 2026: गणेशोत्सव को लेकर पुणे पुलिस ने 14 दिनों के लिए लगाईं पाबंदियां, सभा और जुलूस के लिए पूर्व अनुमति लेना होगा जरूरी
गणेशोत्सव 2026 और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पुणे पुलिस ने शहर में 14 दिनों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं. 1 से 14 सितंबर तक लागू इन नियमों के तहत बिना पूर्व अनुमति 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने और जुलूस निकालने पर रोक रहेगी.
Ganeshotsav 2026: पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में आगामी गणेशोत्सव 2026, दही हांडी और अन्य धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों के मद्देनजर 14 दिनों के लिए सख्त निषेधाज्ञा लागू की गई है. यह आदेश 1 सितंबर को मध्यरात्रि 12:01 बजे से प्रभावी होकर 14 सितंबर की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक लागू रहेगा. महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37(1), 37(2) और 37(3) के तहत जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य त्योहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है.
इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
प्रतिबंधित अवधि के दौरान शहर में विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ या तरल पदार्थ साथ लेकर चलने पर रोक रहेगी. इसके अलावा, किसी भी प्रकार के हथियार जैसे तलवार, भाला, बंदूक, लाठी, डंडे, पत्थर या अन्य घातक सामग्रियां एकत्र करने या ले जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़े: Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को स्थापित होंगे गणपति, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और विसर्जन की तारीख
आदेश के अनुसार, किसी भी व्यक्ति या नेता के पुतले, चित्र या प्रतीकात्मक आकृतियों का सार्वजनिक प्रदर्शन अथवा दहन करना प्रतिबंधित है. सामाजिक नैतिकता, लोक सुरक्षा और शांति भंग करने वाले पोस्टर, बैनर, प्रतीक या अन्य सामग्रियों के निर्माण व वितरण पर भी रोक लगाई गई है.
भड़काऊ भाषण और सोशल मीडिया गतिविधियों पर कड़ी नजर
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी. भड़काऊ भाषण देने, आपत्तिजनक नारे लगाने या सार्वजनिक रूप से विवाद उत्पन्न करने वाली टिप्पणियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
विशेष रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है. अपराधियों से जुड़े वीडियो या रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने, डर का माहौल बनाने या धमकियां देने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
5 या अधिक लोगों के एकत्र होने पर अनुमति अनिवार्य
महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(3) के तहत पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने, मोर्चे, रैलियों और जुलूस निकालने के लिए पुणे शहर पुलिस आयुक्त से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है. बिना अनुमति आयोजित किए जाने वाले आयोजनों और भीड़ जुटाने की गतिविधियों को अवैध माना जाएगा.
हालांकि, यह आदेश अपने कर्तव्य पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और आधिकारिक निर्देशों के तहत हथियार रखने के लिए अधिकृत कर्मियों पर लागू नहीं होगा. इसके अतिरिक्त, साढ़े तीन फीट तक की लाठी रखने वाले निजी सुरक्षा गार्डों, गोरखाओं और चौकीदारों को इस प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है.
आदेश के उल्लंघन पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने नागरिकों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है. इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा.
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 14 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद भी, प्रतिबंध काल के दौरान हुए नियमों के उल्लंघन से संबंधित कानूनी जांच, जब्ती और अदालती प्रक्रियाएं जारी रहेंगी.